By सुयश भट्ट | Dec 11, 2021
भोपाल। मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के डर के चलते लगभग 15000 के लगभग लोगों को कोरोना वैक्सीन का तीसरा डोज लगवा लिया है। जिला प्रशासन इसके लिए लोगों को ही जिम्मेदार ठहरा रहा है।
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इसे लगवाने के पीछे प्रशासन का तर्क है कि लोग खुद को बूस्टर करने के लिए मोबाइल नंबर बदल कर फिर से डोज लगवा रहे है। हांलाकि कोरोना वैक्सीन रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पैन कार्ड जैसे कुछ दस्तावेजों में से एक का होना जरूरी है। उसके बाद ही मोबाइल नंबर पर रजिस्ट्रेशन आता है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग को इसकी जैसे ही जानकारी लगी कि लोग पहले डोज के नाम पर बूस्टर डोज लगवा रहे है तब अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए और उन्होंने तत्काल प्रभाव से निर्देश दिए कि अब SDM की अनुमति के बिना कोरोना वैक्सीन नहीं लगाया जाएगा।
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वहीं ऐसा हुए बिना वैक्सीन लगने पर यदि किसी व्यक्ति का वैक्सीनेशन प्रथम डोज के लिए होता है तो उसकी रिकवरी ANM व वैरीफायर के मानदेय से करने की बात भी CMHO एस एस मालवीय ने अपने आदेश में लिखी। लेकिन इस आदेश के जारी होते ही विरोध हो गया और उसके बाद इसे निरस्त कर दिया गया।
हालांकि अब प्रशासन सारे दस्तावेज जांचने के बाद ही प्रथम डोज लगवा रहा है और ऐसी व्यवस्था की जा रही है। लेकिन सवाल यह है कि आखिरकार इतनी बड़ी संख्या में कोरोना के ज्यादा डोज लग कैसे गए।