By Prabhasakshi News Desk | Nov 28, 2024
नयी दिल्ली । वित्त मंत्रालय पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर की प्रभावशीलता की समीक्षा करेगा क्योंकि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें स्थिर हो गई हैं। घरेलू आपूर्ति की कीमत पर ईंधन के निर्यात पर कुछ तेल रिफाइनरियों द्वारा अर्जित अभूतपूर्व मुनाफे के मद्देनजर सरकार ने जुलाई 2022 में पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) पर निर्यात कर लगाने का फैसला किया था। सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्रालय अप्रत्याशित लाभ कर तथा इससे जुटाए जाने वाले कर की समीक्षा करने जा रहा है।
डीजल, पेट्रोल और विमान ईंधन या एटीएफ के निर्यात पर एसएईडी को 18 सितंबर से ‘शून्य’ पर यथावत रखा गया है। भारत ने पहली बार एक जुलाई 2022 को अप्रत्याशित लाभ कर लगाया था। इसके साथ ही वह उन देशों की सूची में शामिल हो गया जो ऊर्जा कम्पनियों के असाधारण लाभ पर कर लगाते हैं। सूत्रों ने साथ ही बताया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने प्राकृतिक गैस को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने पर विचार करने के लिए वित्त मंत्रालय को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद को इस प्रस्ताव पर विचार कर निर्णय लेना है।