Jammu- Kashmir Kishtwar Encounter | किश्तवाड़ में पांच दिनों से जारी तलाशी अभियान के बीच फिर शुरू हुई गोलीबारी, सिंहपुरा में छिपे हैं आतंकी

By रेनू तिवारी | Jan 22, 2026

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में गुरुवार (22 जनवरी) को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच एक बार फिर मुठभेड़ शुरू हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह मुठभेड़ चतरू सब-डिवीजन के सिंहपुरा क्षेत्र में हो रही है, जहाँ पिछले पांच दिनों से बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान (Search Operation) चलाया जा रहा था। पिछले पांच दिनों से चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान चतरू सबडिवीजन के सिंहपुरा इलाके में आतंकवादियों से फिर से संपर्क स्थापित हुआ। सूत्रों के अनुसार, बलों के संपर्क में आने के बाद गोलीबारी हुई, और ऑपरेशन अभी भी जारी है।


एक पैराट्रूपर मारा गया, और सात सैनिक घायल हो गए

यह ऑपरेशन रविवार को चतरू बेल्ट में मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव में शुरू किया गया था। शुरुआती गोलीबारी में एक पैराट्रूपर मारा गया और सात अन्य घायल हो गए, जिनमें से ज़्यादातर छिपे हुए आतंकवादियों द्वारा अचानक ग्रेनेड हमले में छर्रे लगने से घायल हुए थे।

 

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अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को मुठभेड़ स्थल के पास आतंकवादियों के एक बड़े ठिकाने का भंडाफोड़ किया गया और कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया, उन्होंने कहा कि आतंकवादियों से कोई नया संपर्क नहीं हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना ​​है कि पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो से तीन आतंकवादियों का एक समूह इलाके में फंसा हुआ है। किश्तवाड़ में, आतंकवादियों की तलाश में चल रहे ऑपरेशन को तेज़ करने के लिए चतरू बेल्ट में सोनार, मंडराल-सिंहपोरा और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सैनिकों को तैनात किया गया है, जिसे सेना ने 'ऑपरेशन त्राशी-I' नाम दिया है।

 

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सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

अतिरिक्त कुमुक: मुठभेड़ स्थल पर सेना की अतिरिक्त टुकड़ियाँ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) को भेजा गया है।

ड्रोन का इस्तेमाल: आतंकवादियों की सटीक लोकेशन का पता लगाने के लिए आधुनिक ड्रोन और निगरानी उपकरणों की मदद ली जा रही है।

घेराबंदी: पूरे इलाके को सील कर दिया गया है ताकि आतंकवादी घने जंगलों का फायदा उठाकर भाग न सकें।


चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति

चतरू और सिंहपुरा का इलाका अपनी खड़ी पहाड़ियों और घने देवदार के जंगलों के लिए जाना जाता है। खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण सुरक्षा बलों के लिए यह ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। हाल के महीनों में जम्मू संभाग के किश्तवाड़ और डोडा जिलों में आतंकी गतिविधियों में तेजी देखी गई है, जिसके बाद सुरक्षा बल लगातार हाई अलर्ट पर हैं।


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