By अभिनय आकाश | Jan 02, 2026
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ में कथित उत्पाद शुल्क घोटाले के संबंध में जमानत दे दी है। यह राहत प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज दोनों मामलों में दी गई है। कोर्ट से जमानत फाइनल चार्जशीट दाखिल होने के बाद मिली है। हाल ही में ईडी ने शराब घोटाले में फाइनल चार्जशीट दाखिल की थी।
चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को ईडी ने गिरफ्तार किया था। इस घोटाले में कथित तौर पर राज्य के खजाने को ₹2,161 करोड़ से अधिक का चूना लगाया गया था। एजेंसी उन्हें इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताती है, जिसमें कथित तौर पर रिश्वतखोरी, ऑफ-द-बुक बिक्री और लाइसेंस में हेराफेरी का एक नेटवर्क शामिल था। यह कथित घोटाला छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के माध्यम से संचालित होता था, जहाँ शराब बनाने वालों से अनुकूल बाजार पहुँच के बदले कथित तौर पर रिश्वत ली जाती थी। ईडी का कहना है कि सरकारी दुकानों के माध्यम से देशी शराब अवैध रूप से बेची जाती थी और विशिष्ट लोगों को लाभ पहुँचाने के लिए विदेशी शराब के लाइसेंस (FL-10A) में हेराफेरी की जाती थी। इस मामले में कई अन्य हाई-प्रोफाइल नाम भी शामिल हैं, जैसे व्यवसायी अनवर ढेबर, पूर्व नौकरशाह अनिल टुटेजा और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, जिन पर नियमित रूप से रिश्वत लेने का आरोप है। अब तक, ईडी इस मामले में ₹205 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त कर चुका है।
दावा किया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में चैतन्य बघेल को करीब 200 से 250 करोड़ रुपये मिले हैं। उन्होंने इस पैसे का उपयोग अपने रियल स्टेट के कारोबार में लगाया है। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईडी की टीम ने चैतन्य बघेल के अलावा कई सीनियर आईएस अधिकारी, राजनेता और करोबारियों को भी गिरफ्तार किया है।