Interview Tips: इंटरव्यू में बार-बार मिल रहा है रिजेक्शन तो ऐसे पहचानें अपनी कमियां, आसानी से मिलेगी ड्रीम जॉब

By अनन्या मिश्रा | Mar 26, 2024

अच्छी नौकरी के लिए उम्मीदवार के अंदर स्किल्स का होना बेहद जरूरी होता है। लेकिन इसके अलावा भी कुछ फैक्टर्स ऐसे भी होते हैं, जिन पर कैंडिडेट को ध्यान देने की जरूरत होती है। क्योंकि हमारे आसपास ऐसे बहुत सारे लोग हैं, जिनके आसपास अच्छा खासा टैलेंट हैं, लेकिन इसके बाद भी वह इंटरव्यू में रिजेक्ट हो जाते हैं। इसका कारण यह है कि जब भी किसी कैंडिडेट का सिलेक्शन किया जाता है, तो टैलेंट के अलावा अन्य मापदंडों पर भी परखा जाता है।

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कॉन्‍फिडेंस

कई बार इंटरव्यू में टैलेंटेड होने के बाद भी सिलेक्शन इसलिए नहीं हो पाता, क्योंकि कई बार कॉन्फिडेंस की कमी से होने वाली घबराहट फेस पर साफ नजर आने लगती है। जिसकी वजह से बोलने में व्यक्ति कई बार अटकता है। वहीं कई बार घबराहट की वजह से सवाल को बिना समझे उसका जवाब देते हैं। बता दें कि घबराहट के कारण आपकी आंखें भी स्टेबल नहीं हो पाती। इन सारी चीजों को इंटरव्यू लेने वाला परख लेता है औऱ आपके सेलेक्ट होने के चांस कम हो जाते हैं।

रिज्‍यूम

कई बार रिज्यूम बनाने के बाद उसी को आगे हर जगह फॉरवर्ड कर देते हैं। जबकि रिज्यूम को समय-समय पर एडिट करते रहने की जरूरत होती है। आपके जॉब रोल के हिसाब से ही रिज्यूम होना चाहिए। साथ ही इसमें उसी हिसाब से स्किल्स दिखनी चाहिए। क्योंकि जब रिज्यूम जॉब प्रोफाइस से मैच नहीं होता है, तब भी आपको रिजेक्शन झेलना पड़ सकता है।

आउटफिट्स

यह तो आप सभी ने सुना होगा, 'First Impression is the Last Impression' इस बात का ख्याल इंटरव्यू के दौरान भी रखना चाहिए। इंटरव्यू के हिसाब से ही आपका आउटफिट होना चाहिए। साथ ही आपके चेहरा नर्वस नहीं लगना चाहिए।

अप्रोच

आप जिस भी फील्ड से जुड़े हैं, उस फील्ड के जूनियर्स और सीनियर्स के साथ भी आपका कनेक्शन होना जरूरी होता है। क्योंकि सिलेक्शन में ये अहम भूमिका निभाते हैं। क्योंकि कई बार किसी खास पद के लिए ऐसे ही कैंडिडेट को प्राथमिकता दी जाती है।

इन टिप्स को करें फॉलो

अगर आपके पास स्किल्स हैं, तो खुद पर भरोसा रखना चाहिए। अपने कॉन्फिडेंस को बूस्ट करें और आप चाहें तो पर्सनालिटी डेवलपमेंट कोर्स भी कर सकते हैं।

अपने रिज्यूम को आकर्षक बनाना चाहिए। साथ ही समय-समय पर रिज्यूम को एडिट करते रहना चाहिए। क्योंकि किसी भी जगह पर शॉर्टलिस्ट होने का यह पहला जरिया होता है।

जहां से भी आपको रिजेक्शन मिला है, वहां के हायरिंग मैनेजर को धन्यवाद देने और फीडबैक लेने के लिए ईमेल जरूर करें। इस तरह से आप जान पाएंगे कि आपके रिजेक्शन का क्या कारण रहा और उस कमी पर काम कर सकते हैं।

जिस भी फील्ड से जुड़ें हैं, वहां के सीनियर्स औऱ जूनियर्स के साथ अच्छा लिंक बनाकर रखें। भले ही आप जॉब कहीं भी करें, लेकिन हमेशा उनके टच में रहना चाहिए।

इंटरव्यू होने के बाद सभी सवालों की लिस्ट जरूर बनाएं और साथ ही अपने जवाबों को भी लिखें। इसके बाद अपना आकलन करें।

रिजेक्शन से परेशान होने की जगह बेस्ट स्किल्स और उपलब्धियों की लिस्ट बनाएं, जब आपने अच्छा प्रदर्शन किया हो। इससे आप मोटिवेट होंगे औऱ आगे की रणनीति के लिए अपने आप को तैयार कर सकेंगे।

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