By अभिनय आकाश | Nov 16, 2019
2019 का लोकसभा चुनाव प्रचंड बहुमत से जीतने के बाद केंद्र में दोबारा काबिज हुई मोदी सरकार ने 17वीं लोकसभा के पहले संसद सत्र में ट्रिपल तलाक, इंडियन मेडिकल काउंसिल (संशोधन), अनियमित जमा योजनाओं के अध्यादेश पर प्रतिबंध, 2019, जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन बिल), आंध्र एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट), न्यू दिल्ली आरबिट्रेशन सेंटर, होम्योपैथिक सेंट्रल काउंसिल (संशोधन बिल) और स्पेशल इकोनॉमिक जोन समेत 10 बिल को पास करवा दिए। जिसके बाद संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण अध्यादेशों को कानून बनाने की कवायद में है। जिसके लिए संसद का शीतकालीन सत्र 18 नवंबर से शुरू होगा और दिसंबर के आखिरी तक चल सकता है।
सूत्रों की मानें तो संसद का शीतकालीन सत्र 18 नवंबर से 24 दिसंबर के बीच बुलाया जा सकता है। जिसमें कई महत्वपूर्ण अध्यादेशों को कानून बनाने की तैयारी में है सरकार। महत्वपूर्ण बिल इस बार संसद में पेश किया जा सकता हैं, जिनकी सूची इस प्रकार है।
लोकसभा में लंबित विधेयक
चिट फंड (संशोधन) विधेयक 2019
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (संशोधन विधेयक)
इसे भी पढ़ें: सड़क से लेकर संसद तक राहुल ने देश को किया गुमराह, सत्य की जीत हुई: जेपी नड्डा
राज्यसभा में लंबित विधेयक
सूत्रों के अनुसार विपक्षी दलों ने भी मोदी सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। विपक्षी दल जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 समाप्त किए जाने और उसके बाद की स्थिति पर चर्चा की मांग कर सकते हैं। इसके साथ ही अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार और अंतरराष्ट्री मुद्दों जैसे रिजनल कॉम्प्रेहेन्सिव इकनॉमिक पार्टनरशिप (आरसीईपी) को लेकर भारत के स्टैंड पर भी घेरने की तैयारी में है।