राज्यपाल राजनीति न करें, संवैधानिक पद का करें सम्मान: नाना पटोले

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 28, 2021

मुंबई। महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार की योजना नियमों को ध्यान में रखते हुए  विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कार्यक्रम को आयोजित करने की थी, लेकिन सरकार की कोशिशों के बावजूद यह चुनाव नहीं हो सके। यह बात महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले ने कही है। उन्होंने कहा कि  नियमों में बदलाव करना विधायिका का विशेषाधिकार है, इसमें कुछ भी असंवैधानिक नहीं है। पटोले ने कहा कि राज्यपाल को संवैधानिक पद का सम्मान करना चाहिए न कि राजनीति करना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: महाराष्ट्र में कोविड-19 के 1,426 नए मामले, 26मरीजों की मौत

गांधी भवन में संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए पटोले ने आगे कहा कि विधानसभा अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर राज्यपाल को पत्र भेजकर पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई थी। सरकार ने इस बात का ध्यान रखा था कि कहीं भी राज्यपाल के पद की गरिमा का अपमान न हो। विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव की पूरी प्रक्रिया एक दिन में पूरी हो सकती थी। यही वजह है कि महाराष्ट्र विधान मंडल के शीत सत्र के आखिरी दिन  की सुबह भी सरकार की ओर से राज्यपाल को फिर से एक पत्र भेजा गया। लेकिन चुनाव की मंजूरी नहीं मिली। ऐसे में माविआ सरकार ने इस सत्र में विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव कराने से परहेज किया है ताकि कानूनी संकट पैदा न हो। पटोले ने कहा कि अब यह चुनाव अगले साल फरवरी महीने में आयोजित होने वाले  बजट सत्र के दौरान होगा। 

इसे भी पढ़ें: महात्मा गांधी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले कालीचरण के खिलाफ केस दर्ज, महाराष्ट्र में भी हो सकती है कार्रवाई

नाना पटोले ने कहा कि विपक्षी दल राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने की धमकी दे रहे हैं। लेकिन माविआ सरकार ऐसी धमकियों से नहीं डरती है ।उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने राज्यपाल के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में बाधा डालने का काम किया है । पटोले ने कहा कि कोरोना की वजह से अब तक के अधिवेशन कम कार्यकाल के रहे हैं, इसलिए विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव नहीं हो सके हैं । उन्होंने कहा कि इस बार प्रक्रिया पूरी हो सकती थी लेकिन भाजपा ने ही इसमें बाधा डालने का काम किया है । इससे भाजपा की दोहरी भूमिका उजागर हो गई है। पटोले ने यह भी कहा कि चूंकि सरकार के पास 174 विधायकों का बहुमत है, इसलिए विपक्ष द्वारा वॉयस वोटिंग के जरिए  चुनाव कराने के फैसले पर लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।

प्रमुख खबरें

Valentines Week पर Partner को करें Impress, ये Red Dress Designs देंगे आपको Perfect Look

24 घंटे में बदला बाजार का मूड! Record High के बाद Gold-Silver Price में ऐतिहासिक गिरावट

घुसपैठ सिर्फ BJP रोक सकती है, Amit Shah का दावा- Assam के 7 जिलों में 64 लाख Infiltrators

Menstrual Hygiene अब मौलिक अधिकार, Supreme Court ने इसे Right to Life से जोड़ा