By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 28, 2021
मुंबई। महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार की योजना नियमों को ध्यान में रखते हुए विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कार्यक्रम को आयोजित करने की थी, लेकिन सरकार की कोशिशों के बावजूद यह चुनाव नहीं हो सके। यह बात महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले ने कही है। उन्होंने कहा कि नियमों में बदलाव करना विधायिका का विशेषाधिकार है, इसमें कुछ भी असंवैधानिक नहीं है। पटोले ने कहा कि राज्यपाल को संवैधानिक पद का सम्मान करना चाहिए न कि राजनीति करना चाहिए।
नाना पटोले ने कहा कि विपक्षी दल राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने की धमकी दे रहे हैं। लेकिन माविआ सरकार ऐसी धमकियों से नहीं डरती है ।उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने राज्यपाल के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में बाधा डालने का काम किया है । पटोले ने कहा कि कोरोना की वजह से अब तक के अधिवेशन कम कार्यकाल के रहे हैं, इसलिए विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव नहीं हो सके हैं । उन्होंने कहा कि इस बार प्रक्रिया पूरी हो सकती थी लेकिन भाजपा ने ही इसमें बाधा डालने का काम किया है । इससे भाजपा की दोहरी भूमिका उजागर हो गई है। पटोले ने यह भी कहा कि चूंकि सरकार के पास 174 विधायकों का बहुमत है, इसलिए विपक्ष द्वारा वॉयस वोटिंग के जरिए चुनाव कराने के फैसले पर लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।