राज्यपाल ने प्राकृतिक खेती के उत्पादों की सर्टिफिकेशन कर अलग पहचान दिलाने पर बल दिया

By विजयेन्दर शर्मा | Nov 27, 2021

 शिमला   राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से फसल की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और कृषि लागत घटने के साथ ही उत्पादन में भी वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने प्राकृतिक खेती के उत्पादों की सर्टिफिकेशन पर बल देते हुए कहा कि इससे किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुना करने का संकल्प लिया है तथा हिमाचल प्रदेश में भी इस दिशा में सार्थक प्रयास हो रहे हंै।

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लाभार्थी जोगिंदर पाल ने बताया कि उन्हें प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत 57 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी गई है तथा उन्होंने देसी गाय के गोबर व गौमूत्र का उपयोग कर रसायन मुक्त खेती को अपनाया है। सुख देवी ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 1.67 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। 75 वर्षीय कृष्णा देवी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें कूल्हे में चोट लगी थी तथा 25 हजार रुपए से उनका उपचार किया गया, जिसका पूरा व्यय प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना के तहत वहन किया, जिसके लिए वह मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की आभारी हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लाभार्थी अप्पर नारी निवासी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि योजना के तहत उन्हें मकान बनाने के लिए 1.30 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

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इस अवसर पर ग्रामीण विकास, पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर, नगर परिषद ऊना की अध्यक्ष पुष्पा देवी, उपायुक्त राघव शर्मा व एसपी अर्जित सेन ठाकुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।       .0.

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