By अभिनय आकाश | Jun 09, 2025
"हम ऐसा इसलिए कर रहे हैं, चाहे हमारे सामने कितनी भी कठिनाईयां क्यों न हो हमें कोशिश करते रहना है। जिस क्षण हम प्रयास करना बंद कर देते हैं, उसी क्षण हम अपनी मानवता भी खो देते हैं।" ये पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग का कहना है जो इस समय जहाज लेकर समुंदर के रास्ते गाजा पट्टी पहुंच गई हैं। जहाज में गाजा के लोगों के लिए खाने और दूसरी जरूरत का सामान मौजूद है। पिछले तीन महीनों से इजरायल ने गाजा की पूर्ण नाकेबंदी की हुई है और वो वहां खाने पीने का सामान नहीं पहुंचने दे रहा है। गाजा की लगभग आबादी भुखमरी का सामना कर रही है। हालात इतने खराब हैं कि खाने पीने की कमी से दर्जनों बच्चों की मौत हो चुकी है। लेकिन न तो इजरायल खुद ये मानवीय सहायता गाजा भेजने दे रहा है और दूसरे देशों को भी ऐसा करने से रोक रहा है। ऐसे में इस अवैध चीज को तोड़ने 22 साल की ग्रेटा और उनके 11 साथी जहाज लेकर निकल पड़े।
संगठन ने एक बयान में कहा कि जहाज पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया। जहाज के निहत्थे असैन्य चालक दल के सदस्यों का अपहरण कर लिया गया और इस पर मौजूद जीवन रक्षक राहत सामग्री जैसे कि शिशु फॉर्मूला, भोजन और चिकित्सा आपूर्ति को जब्त कर लिया गया। इजराइल के विदेश मंत्रालय ने यात्रा को एक जनसंपर्क का हथकंडा बताया और सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सेलिब्रिटी लोगों का सेल्फी जहाज’ सुरक्षित रूप से इजराइल के तट पर पहुंच रहा है’। मंत्रालय ने कहा कि यात्री अपने देश लौट जाएंगे और सहायता स्थापित माध्यमों के जरिए गाजा पहुंचाई जाएगी। बाद में मंत्रालय ने फुटेज प्रसारित किया जिसमें इजराइली सैन्यकर्मी नारंगी रंग की लाइफ जैकेट पहने सामाजिक कार्यकर्ताओं को सैंडविच और पानी देते नजर आ रहे हैं।
जलवायु कार्यकर्ता थनबर्ग ‘फ्रीडम फ्लोटिला कोलिशन’ के ‘मैडलीन’ नामक जहाज पर सवार 12 सामाजिक कार्यकर्ताओं में से एक थीं, जो एक सप्ताह पहले सिसिली से रवाना हुए थे। रास्ते में जहाज बृहस्पतिवार को चार प्रवासियों को बचाने के लिए रुका था, जो लीबिया के तट रक्षक द्वारा हिरासत में लिए जाने से बचने के लिए जहाज से कूद गए थे। थनबर्ग ने पूर्व में रिकॉर्ड किए गए संदेश में कहा कि मैं अपने सभी दोस्तों, परिवार और साथियों से आग्रह करती हूं कि वे स्वीडन की सरकार पर मुझे और अन्य लोगों को जल्द से जल्द रिहा करने के लिए दबाव डालें। मैडलीन पर सवार लोगों में जलवायु कार्यकर्ता थनबर्ग और फलस्तीनी मूल की रीमा हसन (यूरोपीय संसद की फ्रांसीसी सदस्य) भी शामिल हैं।