By अभिनय आकाश | Jan 27, 2026
एक्स के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस असिस्टेंट ग्रोक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक राजनयिक पोस्ट का गलत ट्रांसलेशन करके बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर दुनियाभर से बधाइयों का सिलसिला देखने को मिला। इसी क्रम में मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भी भारत को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संदेश का जवाब मालदीव की आधिकारिक भाषा दिवेही में दिया। मालदीव ने लिखा कि मैं भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आपको अपनी गर्मजोशी भरी शुभकामनाएं और बेस्ट विशेज देता हूं। हम दोनों देशों के लोगों के हित में मिलकर काम करना जारी रखेंगे। मैं मालदीव के सभी लोगों को समृद्धि और खुशी से भरे भविष्य की कामना करता हूं।
भारत की तरफ से दिए गए जवाब में लिखा गया शुक्रिया, रायिथुन मजलिस। भारत के 77वें स्वतंत्रता दिवस समारोह मालदीव में आयोजित हुए थे और मालदीव सरकार ने इसमें भाग लिया। ये शुक्रिया सरकार भी लोगों के एंटी-इंडिया कैंपेन में शामिल रही है। यहां तक कि दो एंटी-इंडिया कैंपेन में वो विरोध प्रदर्शनों में सबसे आगे रही हैं। ये ट्रांसलेशन न सिर्फ अर्थ में अलग था, बल्कि पूरी तरह से काल्पनिक और भड़काऊ है। पीएम मोदी के पोस्ट में एंटी-इंडिया जैसा कोई शब्द या संकेत नहीं था। इस अनुवाद को लेकर सोशल मीडिया यूज़र्स ने सवाल उठाए और इसे तथ्यों से परे और भ्रामक बताया।
संशोधित अनुवाद में लिखा था: धन्यवाद, राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर, मैं आपके द्वारा दी गई हार्दिक बधाई और शुभकामनाओं को आदरपूर्वक स्वीकार करता हूँ। हम दोनों देशों के नागरिकों के हित में मिलकर जो कार्य कर रहे हैं, उसे आगे बढ़ाते रहेंगे। मैं मालदीव के सभी नागरिकों के लिए सुखमय और समृद्ध भविष्य की कामना करता हूँ। ग्रोक की इस चूक के बाद एआई आधारित ट्रांसलेशन टूल्स की विश्वसनीयता और संवेदनशील कूटनीतिक संवाद में उनकी भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। खासकर जब बात दो देशों के रिश्तों और आधिकारिक बयानों की हो, तब इस तरह की गलतियां भ्रम की स्थिति पैदा कर सकती हैं।