By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 27, 2026
गुजरात उच्च न्यायालय ने ‘मैरिज ब्यूरो’ चलाने वाली एक महिला को यह कहते हुए जमानत दे दी कि ‘लुटेरी दुल्हन गैंग’ की सदस्य के तौर पर उसकी कोई भूमिका नहीं पाई गई। न्यायमूर्ति एचडी सुथार ने पांच महीने पहले गिरफ्तार की गई कविता सोनी को मंगलवार को जमानत देते हुए कहा कि मुकदमा पूरा होने में समय लगेगा और आरोपी को जेल में रखने का मतलब मुकदमे से पहले ही दोषी ठहराना है। अदालत ने उसे राहत देते हुए आपराधिक कानून के इस बुनियादी सिद्धांत का भी हवाला दिया – ‘‘ज़मानत नियम है और जेल अपवाद’’।
शिकायतकर्ता अपने भतीजे के लिए जीवनसाथी की तलाश में इस ब्यूरो के पास गया और आरोपी को 5.10 लाख रुपये दिए। हालांकि, शिकायतकर्ता के भतीजे की शादी उस महिला के बजाय किसी दूसरी महिला से हुई, जिसके साथ पहले शादी तय हुई थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि यह आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी के बराबर है।
अदालत ने महिला को ज़मानत देते हुए अपने आदेश में कहा, ‘‘...मौजूदा याचिकाकर्ता (सोनी) की भूमिका केवल शिकायतकर्ता के भतीजे की शादी का वादा करने या शादी संपन्न कराने तक ही सीमित है। इसके अलावा, ‘लुटेरी दुल्हन गैंग’ की सदस्य के तौर पर मौजूदा याचिकाकर्ता की कोई भूमिका नहीं बताई गई है और न ही उसके खिलाफ कोई अन्य आरोप सामने आया है।