By नीरज कुमार दुबे | Oct 06, 2021
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के दौरान गाड़ियों के काफिले पर हमला करने वाले लोगों में से कुछ युवकों ने जो टी-शर्ट पहनी हुई थी उस पर कथित रूप से भिंडरावाले की तस्वीर छपी हुई थी। इससे संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। केंद्र के तीन कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ विरोध भड़काने का काम भी खालिस्तान की माँग करने वालों ने ही किया ताकि देश में अराजकता का माहौल बनाया जा सके। लखीमपुर में जो कुछ हुआ उसके पीछे भी इसी तरह की मानसिकता रखने वालों पर आरोप लगे। अब इन आरोपों को और बल तब मिल गया जब आतंकी संगठन करार दिये जा चुके सिख फॉर जस्टिस ने मारे गये किसानों के परिवार को 7500 डॉलर यानि लगभग साढ़े पांच लाख रुपए की मदद का ऐलान कर दिया। यही नहीं इस खालिस्तानी संगठन ने अपने समर्थकों से यह भी आह्वान किया है कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को डराने के लिए ड्रोन और ट्रैक्टरों का इस्तेमाल किया जाये।
गौरतलब है कि जो लोग केंद्र के तीन कृषि सुधार कानूनों का विरोध कर रहे हैं उन पर भी आरोप लगते रहे हैं कि खालिस्तान समर्थकों का सहयोग उन्हें मिल रहा है। यही नहीं 26 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जिस तरह की हिंसा हुई थी उसके पीछे भी खालिस्तान की माँग करने वाले लोग बताये गये थे।