By अभिनय आकाश | Aug 19, 2025
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अब यूरोप और यूक्रेन को वो संदेश देना है जो रूसी राष्ट्रपति पुतिन की तरफ से अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया गया। उसके बाद ऐसी मुलाकात रखी गई जिसमें सभी नेताओं को बुलाया गया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलदोमीर जेलेंस्की के साथ साथ नाटो और यूरोपीय संघ के कई और नेता नजर आ रहे थे। लेकिन पूरी दुनिया की नजर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर जाकर टिक गई। दोनों ही ट्रंप जैसी महत्वपूर्ण शख्यित यूरोपीय संघ और नाटो में नजर आती है। आज की तारीख में इमैनुएल मैक्रों को हाव-भाव बता रहे हैं कि इस बैठक में उन्हें कुछ अच्छा नहीं लग रहा है। एक तरफ पीस टॉक लेकर उनकी प्रतिबद्धता है। जिसमें वो तमाम औपचारिकताएं निभा रहे हैं। लेकिन दूसरी तरफ उनके ये जेस्चर बता रहे हैं कि कुछ तो है जो उन्हें पसंद नहीं आया।
जेलेंस्की के साथ यूरोप के 6 बड़े नेता भी ट्रम्प से इस मुद्दे पर चर्चा के लिए वाइट हाउस पहुंचे हैं। इनमें ब्रिटिश पीएम स्टारमर, फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों, इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी, जर्मन चांसलर मर्ज, फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब, ईयू की अध्यक्ष उर्सुला वॉन व नाटो महासचिव रूटे शामिल हैं। जेलेंस्की के बाद ट्रम्प देर रात इन नेताओं से मिले। इससे पहले रविवार को ट्रम्प ने जेलेंस्की को कहा कि यूक्रेन को नाटो की सदस्यता नहीं मिलेगी साथ ही यूक्रेन को क्रीमिया में रूस का कब्जा मानना होगा।