सिद्धू और अमरिंदर की खींचतान से खिन्न हरीश रावत प्रभारी पद छोड़ने के मूड़ में

By नीरज कुमार दुबे | Aug 27, 2021

पंजाब कांग्रेस में चल रही आपसी खींचतान पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए पार्टी आलाकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू के खेमे की तगड़ी खिंचाई की है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी महासचिव हरीश रावत ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धू को अपने उन दो सलाहकारों को पद से हटाने का निर्देश दिया है जिन्होंने कश्मीर के संबंध में विवादित बयान दिये थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार हरीश रावत ने सिद्धू को साफ कह दिया है कि उन्होंने अपने सलाहकारों मलविंदर सिंह माली और प्यारे लाल गर्ग को पद से नहीं हटाया तो वह कांग्रेस अध्यक्ष से आग्रह करेंगे कि माली और गर्ग को पार्टी से निकाला जाये। हरीश रावत की सख्ती के बाद मालविंदर सिंह माली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया लेकिन इससे सिद्धू फिर नाराज हो गये हैं।

हम आपको बता दें कि माली और गर्ग लगातार मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर तो निशाना साध ही रहे हैं साथ ही उन्होंने कश्मीर और इंदिरा गांधी को लेकर विवादित टिप्पणियां की हैं तथा पाकिस्तान समर्थक बयान दिये हैं। इसको लेकर कांग्रेस बैकफुट पर आ गयी है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इस मुद्दे को उठाते हुए हरीश रावत से कहा था कि पार्टी को विचार करना चाहिए कि मलविंदर सिंह माली और प्यारे लाल गर्ग जैसे लोग क्या पार्टी में रहने के लायक हैं। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी सिद्धू के सलाहकारों पर निशाना साधा था जिस पर इन सलाहकारों ने पलटवार कर दिया था। अब सीधे-सीधे कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने सिद्धू को निर्देश दे दिया कि वह अपने इन सलाहकारों को पद से हटायें। इसके बाद माली का इस्तीफा आ गया लेकिन सिद्धू ने आग बबूला होते हुए कह दिया है कि अगर फैसले लेने की आजादी नहीं मिली तो ईंट से ईंट बजा देंगे।

थक चुके हैं हरीश रावत?

दूसरी ओर पंजाब में जो कुछ चल रहा है उसको सुलझाने का प्रयास करते करते शायद अब हरीश रावत भी थक चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक हरीश रावत अब पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रभारी का पद छोड़कर अपना सारा ध्यान अगले वर्ष उत्तराखण्ड में होने वाले विधानसभा चुनावों में लगाना चाहते हैं। इसके साथ ही वह आजकल स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना भी कर रहे हैं जिससे उत्तराखण्ड के अलावा पंजाब में ध्यान दे पाना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। इस बारे में हरीश रावत का कहना है कि जबसे वह कोरोना से उबरे हैं वह तमाम दिक्कतों का सामना कर रहे हैं इसलिए वह थोड़ा आराम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा है कि वह जल्द ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर इस बारे में आग्रह करेंगे। 

इसे भी पढ़ें: नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार मलविंदर माली ने दिया इस्तीफा, बयानों की वजह से विवादों में थे

सिद्धू और अमरिंदर के बीच खींचतान जारी

उधर, पंजाब में अमरिंदर और सिद्धू खेमे के बीच शक्ति प्रदर्शन का खेल जारी है। एक दिन सिद्धू विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक करते हैं तो दूसरे दिन मुख्यमंत्री अपने समर्थक विधायकों की बैठक करते हैं। दोनों ही नेता यह संदेश देना चाहते हैं कि विधायकों की बड़ी संख्या उनके साथ है। गुरुवार को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने जाहिरा तौर पर शक्ति प्रदर्शन करते हुए अपने एक कैबिनेट सहयोगी खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी के घर रात के भोजन पर कांग्रेस के करीब 55 विधायकों और आठ सांसदों से मुलाकात की। हम आपको बता दें कि राज्य में जो चार मंत्री मुख्यमंत्री को बदले जाने की मांग कर रहे हैं। उनमें से तीन मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया और सुखजिंदर सिंह रंधावा गुरुवार को दिन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। हालांकि, मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी बैठक में शामिल हुए। यह चारों मंत्री ही देहरादून जाकर हरीश रावत से मिले थे और मुख्यमंत्री में अविश्वास जताते हुए नेतृत्व बदलने की माँग की थी। उल्लेखनीय है कि राज्य में कांग्रेस के 80 विधायक और आठ सांसद हैं।

- नीरज कुमार दुबे

प्रमुख खबरें

Crude Oil संकट से बढ़ेगी महंगाई? Petrol-Diesel की मांग घटी, देश की Economy पर मंडराया बड़ा खतरा।

SEBI का ऑपरेशन क्लीन: Financial Fraud के आरोप में Rajesh Exports पर बड़ी कार्रवाई, ट्रेडिंग पर रोक।

Kuwait Drone Attack में भारतीय की मौत, US-Iran तनाव के बीच Middle East में बढ़ा खतरा

French Open में बड़ा उलटफेर, World No.1 Aryna Sabalenka हुईं बाहर, Diana Shnaider सेमीफाइनल में