नीरज चोपड़ा ने समाप्त किया था 12 साल का वनवास, स्वर्णिम इतिहास के साथ पूरा किया था 'फर्राटा किंग' का सपना

By अनुराग गुप्ता | Dec 24, 2021

नयी दिल्ली। नीरज चोपड़ा, नाम तो सुना ही होगा... भारत का वो जांबाज़ खिलाड़ी जिसने 12 साल के वनवास को समाप्त किया और अभिनव बिंद्रा के बाद स्वर्णिम इतिहास लिखा। इतना ही नहीं वो अपने तरह के खेल के स्वर्णिम इतिहास लिखने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं। दरअसल, नीरज चोपड़ा भारत के लिए जेवलिन थ्रो खेलों का प्रतिनिधित्व करते हैं। नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में न सिर्फ 135 करोड़ भारतीयों का सपना पूरा किया बल्कि देश के फर्राटा किंग स्वर्गीय मिल्खा सिंह का भी सपना पूरा किया। 

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2016 में राजपुताना रेजिमेंड में हुई थी नियुक्तिसाल 2016 में पोलैंड में हुए आईएएएफ वर्ल्ड यू-20 चैम्पियनशिप में नीरज ने जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक हासिल किया था। जिससे प्रभावित होकर राजपुताना रेजिमेंड ने उन्हें बतौर जूनियर कमिशंड ऑफिसर के तौर पर नियुक्त किया था और उन्हें नायब सूबेदार का पद दिया था। जिसके बाद उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके परिवार में आज तक किसी को भी सरकारी नौकरी नहीं मिली थी। यह हमारे परिवार के लिए बहुत खुशी की बात है।

आपको बता दें कि नीरज ने एशियन जूनियर चैंपियनशिप 2016 में रजत, साउथ एशियन गेम्स 2016 में स्वर्ण, वर्ल्ड यू-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2016 में स्वर्ण, एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2017 में स्वर्ण, कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में स्वर्ण, एशियन गेम्स 2018 में स्वर्ण और अंतत: टोक्यो ओलंपिक में भी स्वर्णिम इतिहास रच दिया।

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