By अभिनय आकाश | Jul 08, 2025
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 18 याचिकाकर्ताओं के लिए राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सरकारी आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है, जिसमें सरकारी अस्पतालों के परिसर में संचालित सभी जन औषधि केंद्रों (जेएके) को बंद करने का निर्देश दिया गया था। न्यायमूर्ति एम आई अरुण ने केंद्रों के मालिकों द्वारा दायर याचिकाओं के एक समूह में यह आदेश पारित किया, जिसमें कहा गया, याचिकाकर्ता को प्रतिवादी संख्या 4-अस्पताल में जन औषधि केंद्र (फार्मेसी शॉप) चलाने के लिए दी गई रियायत अगली सुनवाई की तारीख तक समाप्त नहीं की जाएगी।
यह सरकारी आदेश इसलिए जारी किया गया क्योंकि डॉक्टरों को मरीजों को बाहरी सुविधाओं से दवाइयाँ खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने से मना किया गया है और अस्पताल परिसर के भीतर जन औषधि केंद्र खोलना उक्त नीति के विपरीत होगा। याचिका में दावा किया गया है कि विवादित सरकारी आदेश उनके अधिकारों का अनुचित रूप से हनन करता है जबकि साथ ही जनता बाज़ार और जनसंजीवनी स्टोर जैसे समान रूप से स्थापित प्रतिष्ठानों को अनुमति देता है जिनका उद्देश्य भी सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयाँ उपलब्ध कराना है।