By रेनू तिवारी | Jan 24, 2026
हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के कारण दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 565 सड़कों को बंद कर दिया गया है और लगभग 4,800 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, जनजातीय जिला लाहौल और स्पीति सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 292 सड़कें अवरुद्ध हैं। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-03 (लेह-मनाली) और राष्ट्रीय राजमार्ग-505 (काजा-ग्राम्फू) शामिल हैं।
राजधानी शिमला और प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली में शुक्रवार सुबह से ही रुक-रुक कर बर्फबारी जारी है।
मनाली: मनाली-कुल्लू राजमार्ग पर फिसलन के कारण लगभग 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम देखा गया। कई पर्यटक अपनी गाड़ियां छोड़कर पैदल ही शहर की ओर जाते दिखे।
शिमला: कुफरी और नारकंडा जैसे क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के बाद सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे चंडीगढ़ की ओर जाने वाली गाड़ियों की रफ्तार थम गई है।
तापमान: लाहौल-स्पीति के ताबो में न्यूनतम तापमान -8.7°C तक गिर गया है, जबकि शिमला और मनाली में तापमान शून्य के करीब बना हुआ है।
भारी व्यवधानों के बावजूद, यह बर्फबारी प्रदेश के सेब बागवानों और किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि सेब की फसल के लिए आवश्यक 'चिलिंग आवर्स' (Chilling Hours) और मिट्टी में नमी के लिए यह हिमपात बहुत जरूरी था।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है:-
ऑरेंज अलर्ट: कुल्लू, चंबा और लाहौल-स्पीति के लिए भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है।
नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): मौसम विभाग के अनुसार, 26 जनवरी 2026 से एक और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे 28 जनवरी तक फिर से भारी बर्फबारी और बारिश हो सकती है।
प्रशासन की सलाह: पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने और फिसलन भरी सड़कों पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।