By अभिनय आकाश | Aug 13, 2026
ईरान हिमायती इस्लामिक रेजिस्टेंस यानी इसराइल के खिलाफ प्रतिरोध की धुरी के एक अहम ग्रुप यमन के अंसारुल्लाह को छेड़कर ऐसा लग रहा है सऊदी अरब ने मुसीबत मोल ले ली है। यमन के हूतियों ने लाल सागर सऊदी के लिए बैन कर रखा है। ना सिर्फ बैन है बल्कि हमले भी अंजाम दे रहे हैं। अब मीडिया रिपोर्ट और सऊदी अधिकारियों के हवाले से खबर है कि दुनिया के सबसे बड़े तेल एक्सपोर्टर सऊदी अरब पर एक ऐसा खौफनाक खतरा मंडरा रहा है जिसने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की नींद उड़ा दी है। अब मीडिया रिपोर्ट्स और सऊदी अधिकारियों के हवाले से खबर है कि दुनिया के सबसे बड़े तेल एक्सपोर्टर सऊदी अरब पर बेहद खौफनाक खतरा मंडरा रहा है। खबर है कि रेजिस्टेंस के ग्रुप सऊदी पर एक साथ दो तरफ से अटैक कर सकते हैं। सऊदी अरब के नॉर्थ बॉर्डर से हसदुशाबी, कताइयब हिजबुल्ला, अल नुजवा और कताइयब सैयद अल शोहदा जैसी तंजीमे हमला बोलेंगी और साउथ की तरफ से यमन पर कब्जा जमाए बैठे हूतियों की प्रोफेशनल आर्मी मिसाइलों, ड्रोंस और लंबी दूरी के रॉकेटों से सऊदी अरब के खिलाफ मोर्चा खोल देंगी।
वो कहते हैं कि उन्हें खुफिया एजेंसियों से मल्टीपल कोऑर्डिनेटेड अटैक की कई रिपोर्ट्स मिली हैं। इन रिपोर्ट्स में साफ कहा गया है कि यह हमले आने वाले कुछ समय में हो सकते हैं। गौरतलब है कि हूं को ला रहे एक प्लेन पर सऊदी अरब ने उस वक्त हमला किया था जब वह ईरान से आयतुल्लाह खामने के जनाजे में शामिल होकर लौट रहे थे। वो हमला तो फेल हो गया लेकिन हूती सऊदी अरब के पीछे पड़ गए हैं और यह जंग अब बड़ी होती जा रही है। पानी में ऊपर की ओर उतर आया और समंदर से निकलकर किनारों पर बहता हुआ यह तेल देखिए। ऐसा लग रहा है जैसे समंदर से तेल की झील फूट पड़ी हो। यह ईरान का समुद्र है। ऐसा नहीं है कि ईरान का समंदर तेल छोड़ने लगा है। दरअसल, यह उन जहाजों और तेल टैंकरों से निकला ऑयल है जिन्हें ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मोस में उड़ा दिया था या डुबो दिया। यह ईरान के दुश्मनों के उन जहाजों का तेल है जिन्हें उसकी परमिशन के बिना आबनाए होमोस से गुजारा जा रहा था। ईरान समर्थित सोशल मीडिया हैंडल्स पर यह वीडियो गश्त कर रहा है। जिसमें समंदर के किनारों पर तेल ही तेल नजर आता है। ईरान में आईआरजीसी नेवी ने पहले भी वीडियो दिखाते हुए कई दावे किए हैं और कई वीडियो में दिखाया गया है कि अगर स्टेट ऑफ हुर्मस पर ईरान को इग्नोर करके कोई भी जहाज निकालने की कोशिश की गई तो अंजाम यह होगा। जो लोग अमेरिका के आर्डर को फॉलो कर रहे हैं उनका हश्र यह है।