इंदौर में कैसे हुई 14 लोगों की दर्दनाक मौत? इंदौर मामले में लैब रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

By अभिनय आकाश | Jan 02, 2026

प्रयोगशाला परीक्षणों से पुष्टि हुई है कि इंदौर में डायरिया का प्रकोप, जिसमें कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है और 1,400 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, दूषित पेयजल के कारण हुआ था। इन निष्कर्षों ने मध्य प्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी इंदौर के कुछ हिस्सों में पेयजल आपूर्ति प्रणाली में गंभीर जोखिमों को उजागर किया है, जबकि इंदौर पिछले 8 वर्षों से भारत का सबसे स्वच्छ शहर बना हुआ है। इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसनी ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि शहर के एक मेडिकल कॉलेज द्वारा तैयार की गई प्रयोगशाला रिपोर्ट ने भागीरथपुरा क्षेत्र में पाइपलाइन में रिसाव के कारण पेयजल के दूषित होने की पुष्टि की है, जहां से इस बीमारी के फैलने की सूचना मिली थी। उन्होंने रिपोर्ट के विस्तृत निष्कर्षों का खुलासा नहीं किया। अधिकारियों ने बताया कि भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास, शौचालय के ऊपर बने स्थान पर मुख्य पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन में रिसाव का पता चला है। उन्होंने बताया कि रिसाव के कारण क्षेत्र में आपूर्ति किया जाने वाला पानी दूषित हो गया है।

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स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को भागीरथपुरा के 1,714 घरों का सर्वेक्षण किया गया, जिसमें 8,571 लोगों की जांच की गई। इनमें से उल्टी और दस्त के हल्के लक्षण वाले 338 लोगों को उनके घरों में ही प्राथमिक उपचार दिया गया। अधिकारी ने आगे बताया कि पिछले 8 दिनों में 272 मरीजों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से 71 को छुट्टी दे दी गई है। फिलहाल 201 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 32 गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में हैं।

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