By रेनू तिवारी | Jul 10, 2025
विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो (AAIB) ने मंगलवार को AI171 विमान दुर्घटना पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सौंप दी। समाचार एजेंसी एएनआई ने शीर्ष सूत्रों के हवाले से बताया कि यह रिपोर्ट जाँच के शुरुआती निष्कर्षों पर आधारित है। इस बीच, संसद की लोक लेखा समिति (PAC) की आज एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है, जिसमें नागरिक उड्डयन सचिव और नागरिक उड्डयन महानिदेशक (DGCA) सहित नागरिक उड्डयन मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है।
जनता दल (यू) के सांसद संजय कुमार झा की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति की कार्यवाही में विमानन सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को प्रमुखता से उठाया गया। आधिकारिक एजेंसियों, एयरलाइंस और अन्य हितधारकों सहित लगभग पूरे विमानन क्षेत्र को कवर करने वाले 97 से अधिक प्रतिनिधियों ने दिन भर की बैठक में सांसदों के साथ अपने विचार साझा किए। सूत्रों ने यह भी कहा कि एएआईबी द्वारा नागरिक उड्डयन मंत्रालय को कोई प्रारंभिक रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है।
अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) मानदंडों के तहत, एएआईबी दुर्घटना के 30 दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप सकता है। झा ने बैठक को बहुत व्यापक और गहन बताया। बीते 12 जून को एअर इंडिया का विमान बोइंग 787 ड्रीमलाइन अहमदाबाद हवाई अड्डे से लंदन के लिए उड़ान भरने के कुछ देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में 250 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
सूत्रों ने बताया कि एएआईबी अधिकारियों ने परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी समिति को बताया कि विमान का ब्लैक बॉक्स और वॉयस रिकॉर्डर सुरक्षित है तथा डेटा की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि विस्तृत और गहन जांच के लिए विमान निर्माता बोइंग सहित विदेशी कंपनियों की मदद ली गई। एएआईबी ने दुर्घटना के एक दिन बाद जांच शुरू की थी और वैश्विक मानदंडों के अनुरूप अपने महानिदेशक जीवीजी युगंधर की अध्यक्षता में टीम का गठन किया था।
सूत्रों ने कहा कि यह पहली बार है जब भारत में इतनी महत्वपूर्ण जांच हो रही है। समिति की बैठक सुबह 10 बजे शुरू हुई और शाम लगभग 6 बजे समाप्त हुई। इसमें देश की सभी एयरलाइन के प्रमुखों ने हवाई सुरक्षा पर एक प्रस्तुति दी। समिति में कई दलों के सदस्य हैं, जिनमें पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री और भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी, कांग्रेस की कुमारी शैलजा, नीरज डांगी और इमरान प्रतापगढ़ी तथा भाजपा के सुरेन्द्र सिंह नागर और तापिर गाओ शामिल हैं।
सदस्यों ने विमानन क्षेत्र में सुरक्षा पर विशेष रूप से चर्चा की और इसके सदस्यों ने आधिकारिक एजेंसियों तथा निजी एयरलाइनों द्वारा अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए। पिछले महीने अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना ने विमानन क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को केंद्र में ला दिया है।
सूत्रों ने बताया कि परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी स्थायी समिति के कुछ सदस्यों ने विमानन नियामक डीजीसीए में बड़ी संख्या में रिक्तियों को लेकर चिंता जताई, जबकि कुछ अन्य ने एजेंसी द्वारा समिति की कई पूर्व सिफारिशों को लागू नहीं करने का उल्लेख किया।
एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन उन एयरलाइन के प्रतिनिधियों में शामिल रहे जिन्होंने इस बैठक में भाग लिया। इनमें से कई अधिकारी मंगलवार को हुई लोक लेखा समिति की बैठक में भी शामिल थे। डीजीसीए ने पीएसी की बैठक के दौरान यह कहा था कि वह हाल ही में महाकुंभ के दौरान और पहलगाम आतंकी हमले के बाद की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अब हवाई टिकट की कीमतों में भारी वृद्धि को रोकने के लिए एक तंत्र स्थापित करेगा।