By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 22, 2026
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के 22 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की मौत को लेकर मंगलवार को संस्थान के मुख्य द्वार के बाहर प्रदर्शन कर रहे ‘रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया’ (आठवले) और भारत मुक्ति मोर्चा के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाए और वाकोडे के लिए न्याय एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग की।
इस बीच, परिसर में जारी प्रदर्शनों को लेकर छात्रों की अलग-अलग राय है। आईआईटी मुंबई में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र उत्कर्ष गंगवार ने संस्थागत स्तर पर भेदभाव के आरोपों को खारिज किया, लेकिन उन्होंने कुछ संकाय सदस्यों को लेकर छात्रों की शिकायतों की बात स्वीकार की। गंगवार ने कहा, ‘‘आईआईटी मुंबई में छात्रों के साथ जाति के आधार पर भेदभाव नहीं होता।
हालांकि, प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को लेकर कुछ छात्रों में नाराजगी है, क्योंकि उनके सख्त नियमों से कभी-कभी छात्रों को परेशानी होती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन परिसर के बाहर जारी प्रदर्शनों की अब जरूरत नहीं है, क्योंकि संस्थान के निदेशक छात्रों की ओर से रखी गई 18 प्रमुख मांग पहले ही स्वीकार कर चुके हैं। अब भी प्रदर्शन कर रहे लोग बाहरी राजनीतिक समूहों से प्रभावित हो सकते हैं।’’ प्रदर्शनों के मद्देनजर परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इससे पहले, सोमवार को भी पुलिस ने छात्र की आत्महत्या को लेकर आईआईटी मुंबई के बाहर प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था।
ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र वाकोडे (22) 18 सितंबर की शाम पवई परिसर स्थित अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाया गया था। अधिकारियों के अनुसार, इससे कुछ घंटे पहले परीक्षा के दौरान उसे कथित रूप से मोबाइल फोन के जरिये चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। वाकोडे की आत्महत्या को लेकर छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद संस्थान ने डूला को प्रशासनिक मामलों के डीन पद से सोमवार को हटा दिया था।
इस मामले में डूला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और जातिगत भेदभाव से संबंधित मामला दर्ज किया गया है। वाकोडे के परिवार की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने डूला के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया है।