By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 18, 2026
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस ने रविवार को संस्थान परिसर से 22 छात्रों को हिरासत में ले लिया। छात्र संगठनों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिरासत में लिए गए छात्रों में आठ ऐसे छात्र भी शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर एक ही दिन में दो बार हिरासत में लिया गया।
पुलिस और आईआईटी-मुंबई प्रशासन ने हिरासत में लिए गए छात्रों की संख्या तथा बल प्रयोग के आरोपों के संबंध में अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। छात्र पिछले एक महीने से पवई इलाके में संस्थान के प्रवेश द्वारों के पास प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने 15 दिन की भूख हड़ताल भी की।
छात्र 22 वर्षीय साहिल वाकोडे की मौत के मामले में जातिगत भेदभाव और संस्थागत उदासीनता के आरोप लगाते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं। बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र वाकोडे का शव 18 सितंबर को छात्रावास के उनके कमरे में मिला था। यह दावा किया गया है कि मध्यावधि परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने के बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली थी।
रविवार को उनकी कथित आत्महत्या को एक महीना पूरा होने पर छात्रों ने श्रद्धांजलि सभा और मशाल जुलूस निकालने की योजना बनाई थी। छात्रों के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी रविवार सुबह बड़ी संख्या में संस्थान परिसर में घुस आए। उन्होंने बताया कि पहले हिरासत में लेने और कुछ समय बाद रिहा करने के बाद छात्र दोबारा प्रदर्शन स्थल पर एकत्र हुए।
इस दौरान वाकोडे के शोकाकुल माता-पिता भी उसे श्रद्धांजलि देने के लिए मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इसके बाद परिसर की सुरक्षा में तैनात कर्मियों और पुलिस ने प्रदर्शन स्थल को हटा दिया तथा वहां मौजूद लोगों को जबरन वहां से हटाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि महिला छात्रों के साथ अनुचित तरीके से छुआछूत और मारपीट की गई।
छात्र संगठनों के अनुसार, कुल 22 छात्रों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने परिसर के भीतर पुलिस की तैनाती को लेकर आईआईटी-मुंबई प्रशासन पर भी सवाल उठाए और पूछा कि इसके लिए अनुमति किसने दी थी। इसके बाद कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ और कई आंबेडकरवादी संगठनों के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे।
उन्होंने प्रदर्शन कर संस्थान के निदेशक मंडल के अध्यक्ष और निदेशक के साथ तत्काल बैठक करने की मांग की। पवई पुलिस थाने के अधिकारी तत्काल टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे। वहीं, संस्थान प्रशासन ने भी छात्रों को हिरासत में लिए जाने और अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों पर अपना पक्ष नहीं रखा है।
वाकोडे के माता-पिता संस्थान प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। उन्होंने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूला पर उत्पीड़न और जाति आधारित भेदभाव के आरोप लगाए हैं। इस महीने की शुरुआत में पुलिस ने कथित आत्महत्या के मामले में दूला से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की थी।