By अंकित सिंह | Jul 08, 2026
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले पांच से सात दिनों तक हिमाचल प्रदेश में मॉनसून के सक्रिय रहने का अनुमान लगाया है। इस दौरान कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर ज़िलों में भारी बारिश की संभावना है। इससे भूस्खलन, अचानक बाढ़ (फ़्लैश फ़्लड) और नदियों व नालों में जलस्तर बढ़ने का ख़तरा पैदा हो गया है। MD हिमाचल प्रदेश के मौसम केंद्र के प्रमुख शोभित कटियार ने बताया कि पिछले 24 घंटों में राज्य के लगभग सभी ज़िलों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। मंडी और हमीरपुर ज़िलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई, जबकि शिमला, हमीरपुर और कई अन्य इलाकों में मध्यम बारिश हुई।
कटियार ने चेतावनी दी कि लगातार भारी बारिश से भूस्खलन, अचानक बाढ़ आ सकती है और नदियों, नालों व अन्य जल निकायों में जल स्तर बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं, कई जगहों पर दृश्यता कम हो सकती है, और लगातार बारिश के कारण कृषि और बागवानी की फसलों को स्थानीय स्तर पर नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए सिरमौर, शिमला, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा जिलों के लिए सलाह जारी की गई है। हालांकि अन्य जिलों में बारिश के मुख्य रूप से मध्यम रहने की उम्मीद है, फिर भी निवासियों को सावधानी बरतनी चाहिए।
वर्षा के आंकड़ों से पता चलता है कि हिमाचल प्रदेश में पिछले सप्ताह सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। उन्होंने बताया कि सामान्यतः इस अवधि में राज्य में लगभग 51 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जाती है। हालांकि, इस वर्ष लगभग 65 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से लगभग 27 प्रतिशत अधिक है। कटियार ने आगे कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) राज्य सरकार और जिला प्रशासन के साथ लगातार दैनिक मौसम पूर्वानुमान, एक सप्ताह का पूर्वानुमान और अगले तीन घंटों का तात्कालिक पूर्वानुमान साझा कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम राज्य सरकार और जिला अधिकारियों को नियमित रूप से पूर्वानुमान, अलर्ट और सलाह प्रदान कर रहे हैं ताकि समय पर तैयारी और प्रतिक्रियात्मक उपाय किए जा सकें।
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