By Ankit Jaiswal | Jun 30, 2026
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच देश के उद्योगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने करीब 40 आवश्यक पेट्रोकेमिकल उत्पादों के आयात पर लागू शून्य सीमा शुल्क की छूट को 15 दिन के लिए और बढ़ा दिया है। अब यह छूट 15 जुलाई तक प्रभावी रहेगी। इससे पहले यह सुविधा 30 जून को समाप्त होने वाली थी।
बता दें कि सरकार ने पहली बार यह राहत 2 अप्रैल को अस्थायी उपाय के रूप में लागू की थी। उस समय भी मंत्रालय ने साफ किया था कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण आयात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अब हालात पूरी तरह सामान्य नहीं होने के कारण इस छूट के समय को आगे बढ़ाया गया है।
गौरतलब है कि इस फैसले का सबसे अधिक लाभ उन उद्योगों को मिलेगा जो पेट्रोकेमिकल आधारित कच्चे माल पर निर्भर हैं। इनमें प्लास्टिक, पैकेजिंग, वस्त्र, दवा, केमिकल, वाहन पुर्जे और अन्य विनिर्माण क्षेत्र प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन उद्योगों के लिए कच्चे माल की लगातार उपलब्धता उत्पादन बनाए रखने और लागत नियंत्रित रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
सरकार का कहना है कि सीमा शुल्क में छूट मिलने से उद्योगों पर लागत का दबाव कम होगा। साथ ही नीचे के स्तर पर काम करने वाले विनिर्माण क्षेत्रों को भी राहत मिलेगी। इसका लाभ अंततः तैयार उत्पादों के उपभोक्ताओं तक पहुंचने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चा माल आसानी से उपलब्ध रहता है तो उत्पादन में रुकावट कम होगी और बाजार में वस्तुओं की आपूर्ति भी स्थिर बनी रहेगी।
बता दें कि भारत अपनी ऊर्जा और उर्वरक जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से समुद्री परिवहन और आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिससे कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, उर्वरकों और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की समय पर उपलब्धता को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। ऐसे में सरकार का यह फैसला घरेलू उद्योगों के लिए राहत देने वाला माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया की स्थिति जल्द सामान्य नहीं होती है तो सरकार भविष्य में भी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए इसी तरह के अतिरिक्त कदम उठा सकती है। फिलहाल उद्योग जगत इस निर्णय को उत्पादन और बाजार की स्थिरता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहा है।