By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 17, 2020
नयी दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी को दिए गए कठोर संदेश में बुधवार को कहा कि गलवान घाटी में हुई अप्रत्याशित घटना का द्विपक्षीय संबंधों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने चीन से स्थिति में सुधार करने वाले कदम उठाने को कहा है। जयशंकर और वांग की टेलीफोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत दोनों देशों की सेनाओं के बीच सोमवार रात को हुए हिंसक संघर्ष के बाद हुई जिसमें एक कर्नल सहित 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गये। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘15 जून को गलवान घाटी में हुए हिंसक संघर्ष को लेकर विदेश मंत्री ने भारत सरकार के विरोध को कड़े शब्दों में व्यक्त किया है।’’
मंत्रालय ने बातचीत का ब्यौरा देते हुए कहा, ‘‘दोनों पक्षों को छह जून को वरिष्ठ कमांडरों के बीच बनी सहमति को गंभीरता और सतर्कता से लागू करना चाहिए।’’ विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘दोनों पक्षों के सैनिकों को द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकाल का पालन करना चाहिए। उन्हें वास्तविक नियंत्रण रेखा का दृढ़ता से सम्मान करना चाहिए तथा इसे बदलने के लिए एकपक्षीय ढंग से कोई कदम नहीं उठाना चाहिए।’’ उसने कहा कि इस बात की सहमति बनी कि कुल मिलाकर स्थिति से जिम्मेदार ढंग से निबटा जाएगा तथा दोनों पक्ष छह जून को तनाव कम करने को लेकर बनी सहमति को ईमानदारी से लागू करेंगे।
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