By अभिनय आकाश | Jul 14, 2026
भारत ने संयुक्त राष्ट्र की पूर्ण सदस्यता के लिए फ़िलस्तीन की दावेदारी का समर्थन किया है और साथ ही इज़राइल-फ़िलस्तीन विवाद के समाधान के तौर पर 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' (दो-देश समाधान) के लिए अपना समर्थन फिर से दोहराया है। सोमवार को ब्रुसेल्स में हुई 'फ़िलस्तीन डोनर ग्रुप' की मंत्री-स्तरीय बैठक में विदेश मंत्रालय की सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन ने इस मामले पर नई दिल्ली का रुख़ स्पष्ट किया। इस उच्च-स्तरीय बैठक में यूरोपीय संघ, उसके सदस्य देशों, फ़िलस्तीन, अंतरराष्ट्रीय साझेदारों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का मकसद फ़िलस्तीनी अथॉरिटी को वित्तीय मदद देने और वहाँ के लोगों तक मानवीय सहायता पहुँचाने पर चर्चा करना था।
इस प्रस्ताव को भारत समेत 143 देशों का समर्थन मिला, जबकि 25 देशों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया और इज़राइल व अमेरिका समेत नौ देशों ने इसके खिलाफ़ वोट किया। हालांकि इस वोट से सदस्यता की गारंटी नहीं मिलती—क्योंकि ऐसा सिर्फ़ सुरक्षा परिषद ही कर सकती है। लेकिन इससे फ़िलिस्तीनी अथॉरिटी को जनरल असेंबली में ज़्यादा अधिकार मिल गए। इज़राइल-गाज़ा संघर्ष के दौरान भारत ने लगातार युद्धविराम और मानवीय मदद पहुंचाने की मांग का समर्थन किया है। साथ ही, उसने फ़िलिस्तीनी अथॉरिटी को लगातार आर्थिक और विकास संबंधी मदद भी दी है। इस तरह भारत ने खुद को सिर्फ़ कागज़ी तौर पर राजनयिक समर्थन देने वाले देश के बजाय, राज्य-निर्माण की कोशिशों में एक लंबे समय के साझेदार के तौर पर स्थापित किया है।