भारत का Services PMI अक्टूबर में 55.8 पहुंचा, चार महीने में सबसे तेज बढ़त

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 04, 2026

नयी दिल्ली, चार नवंबर देश के सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में अक्टूबर में चार महीने की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई। मांग में मजबूती से कारोबारी गतिविधियों और नए ऑर्डर में बढ़ोतरी हुई, जबकि लागत का दबाव कम हुआ। बुधवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई।

यह चार महीने में वृद्धि की सबसे तेज रफ्तार को दर्शाता है। क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) की भाषा में 50 से ऊपर का अंक विस्तार, जबकि 50 से नीचे का अंक संकुचन दर्शाता है। एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री (भारत) प्रांजुल भंडारी ने कहा, ‘‘भारत का सेवा पीएमआई अक्टूबर में बढ़कर 55.8 हो गया, जो चार महीने का उच्चतम स्तर है।

इस दौरान कारोबारी स्थितियों में सतर्कता के साथ सुधार हुआ। हालांकि, कुल मांग काफी मजबूत बनी रही लेकिन नए निर्यात ऑर्डर में वृद्धि की रफ्तार फरवरी 2023 के बाद सबसे धीमी रही।’’ सर्वेक्षण में शामिल कंपनियों ने उत्पादन में वृद्धि की मुख्य वजह नए कारोबार में बढ़ोतरी को बताया। सर्वेक्षण के अनुसार, मांग की अनुकूल परिस्थितियों, नए ग्राहक मिलने और सफल विज्ञापन अभियानों से नए ऑर्डर बढ़े।

कीमतों के मोर्चे पर लागत का दबाव काफी कम हुआ। भंडारी ने कहा, ‘‘कच्चे माल और तैयार उत्पादों की कीमतों में वृद्धि जारी रही लेकिन इसकी रफ्तार पिछले महीने के मुकाबले धीमी रही। इससे महंगाई के दबाव में कुछ राहत मिलने के संकेत मिलते हैं।’’ उन्होंने कहा कि रोजगार में वृद्धि की रफ्तार भी जून के बाद सबसे कमजोर रही।

इससे संकेत मिलता है कि सेवा क्षेत्र की कुछ कंपनियों के पास मौजूदा कर्मचारियों की जरूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त क्षमता है। कंपनियां भविष्य की संभावनाओं को लेकर हालांकि सतर्कता के साथ आशावादी रहीं और उन्होंने चार महीने में सबसे कम संख्या में कर्मचारियों की भर्ती की। इस बीच, भारत का समग्र पीएमआई उत्पादन सूचकांक सितंबर के 55.9 से बढ़कर अक्टूबर में 56.2 हो गया।

यह चार महीने में कुल उत्पादन में सबसे तेज वृद्धि को दर्शाता है और कारोबारी गतिविधियों की मजबूत स्थिति का संकेत देता है। विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की कंपनियों में लागत का दबाव कम हुआ, जिससे कुल महंगाई की दर घटकर 11 महीने के निचले स्तर पर आ गई। समग्र पीएमआई सूचकांक, तुलनीय विनिर्माण एवं सेवा पीएमआई सूचकांकों का भारित औसत है।

भार, आधिकारिक जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) आंकड़ों के अनुसार विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के सापेक्ष आकार को दर्शाता है। एसएंडपी ग्लोबल करीब 400 सेवा क्षेत्र की कंपनियों के समूह को भेजे गए प्रश्नावली के जवाबों के आधार पर एचएसबीसी इंडिया सेवा पीएमआई तैयार करती है।

प्रमुख खबरें

ज्ञानेश कुमार साथ होते तो...ट्रंप की पार्टी को मिडटर्म इलेक्शन में मिली शिकस्त पर CJP ने लिए मजे

Khunti में तीन नाबालिगों से दुष्कर्म के आरोप में तीन रिश्तेदार गिरफ्तार, BNS और POCSO के तहत केस

Nakhrewaalii Film Review: अच्छे इरादों वाली कॉमेडी-ऑफ-एरर्स, जो घिसे-पिटे फॉर्मूलों में उलझ कर रह गई

VETO...अब ट्रंप क्या नया करने वाले हैं? मिडटर्म नतीजों के बाद अपने पोस्ट में बढ़ाई हलचल