By एकता | Mar 27, 2026
अगर मार्च के बाद आप भारत में कहीं भी हवाई यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। भारतीय एयरपोर्ट बड़े बदलावों के तहत 1 अप्रैल, 2026 के बाद पूरी तरह डिजिटल काम करने वाले हैं और आपको भारत में ट्रेवल करने के लिए e-Arrival Card की जरूरत पड़ेगी। चाहे आप टूरिस्ट हों, बिज़नेस के सिलसिले में यात्रा करने वाले हों, या ओसीआई कार्ड होल्डर हों, यह अपडेट आपकी एंट्री के अनुभव पर सीधा असर डाल सकता है। लेकिन आपको घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि e-Arrival Card से जुड़ी सारी जानकारी नीचे दी गई है।
समय का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। आपको भारत पहुंचने से 72 घंटे पहले के भीतर यह फॉर्म जमा करना होगा। एयरपोर्ट पर किसी भी देरी से बचने के लिए बेहतर यही है कि आप अपनी फ्लाइट में बैठने से पहले ही इसे पूरा कर लें। फॉर्म भरने के बाद आपको एक क्यूआर कोड मिलेगा, जिसे इमिग्रेशन काउंटर पर दिखाना होगा।
यह प्रक्रिया काफी आसान है और इसमें आपको कोई भी डॉक्यूमेंट अपलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आपको बस अपने पासपोर्ट की डिटेल्स, फ्लाइट की जानकारी, कॉन्टैक्ट नंबर, यात्रा का मकसद और भारत में रुकने का पता भरना होगा। इसे इस तरह बनाया गया है कि कोई भी इसे आसानी और तेजी से भर सके।
यहां थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। यह फॉर्म विदेशी नागरिकों और ओसीआई कार्ड होल्डर्स के लिए अनिवार्य है। भारतीय नागरिकों को इसे भरने की जरूरत नहीं है। अच्छी बात यह है कि पाँच सदस्यों तक का परिवार मिलकर एक ही फॉर्म जमा कर सकता है, जिससे ग्रुप में यात्रा करना और भी सरल हो गया है।
आप e-Arrival Card को भारत की ऑफिशियल वीजा वेबसाइट, 'Su-Swagatam' मोबाइल ऐप या अन्य सरकारी पोर्टल्स के जरिए भर सकते हैं। फॉर्म भरने के बाद अपना क्यूआर कोड फोन में सेव कर लें या उसका प्रिंट ले लें और इमिग्रेशन पर दिखा दें।
अगर आप यह फॉर्म नहीं भरते हैं, तो ऐसा नहीं है कि आपको भारत में एंट्री नहीं मिलेगी, लेकिन आपकी यात्रा की रफ्तार जरूर धीमी हो जाएगी। आपको इमिग्रेशन पर ज्यादा पूछताछ और लंबी कतारों का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए एयरपोर्ट अधिकारी सलाह देते हैं कि इसे पहले से ही पूरा कर लें।
यह बदलाव यात्रा को आधुनिक बनाने की एक बड़ी मुहिम का हिस्सा है। e-Arrival Card से इमिग्रेशन में लगने वाला समय लगभग 40% तक कम हो जाता है। इससे कागजी काम घटता है और बड़े एयरपोर्ट्स पर भीड़ को मैनेज करना आसान होता है। यह भारत को उन विकसित देशों की कतार में खड़ा करता है जहाँ पेपरलेस एंट्री सिस्टम पहले से लागू है।
अगर आप 1 अप्रैल के बाद भारत आ रहे हैं, तो e-Arrival Card को अपनी चेकलिस्ट का जरूरी हिस्सा बना लें, बिल्कुल वैसे ही जैसे आपका पासपोर्ट और वीजा। यह आपकी एंट्री को आसान बनाने के लिए है, बशर्ते आप इसे समय पर भर लें। इसे नजरअंदाज करने का मतलब हो सकता है कि भारत में आपका स्वागत लंबी कतारों के साथ हो।