By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 10, 2026
लगातार दूसरी बार एएफसी अंडर-17 महिला एशियाई कप में जगह बनाने की दहलीज पर खड़ी भारतीय टीम के सामने रविवार को मेजबान मलेशिया की कड़ी चुनौती होगी। ग्रुप ई के इस निर्णायक मुकाबले में भारत को क्वालीफिकेशन पक्का करने के लिए सिर्फ हार से बचना है, जबकि मलेशिया को अगले दौर में पहुंचने के लिए हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। दोनों टीमों ने अपने शुरुआती दो मैच जीते हैं और उनके खाते में छह-छह अंक हैं।
क्वालीफायर के आठ ग्रुपों की विजेता टीमें ही एएफसी अंडर-17 महिला एशियाई कप चीन 2027 में जगह बनाएंगी। उनके साथ मौजूदा चैंपियन उत्तर कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया और मेजबान चीन भी टूर्नामेंट में खेलेंगे। इन चार टीमों ने 2026 सत्र में शीर्ष चार में रहने के कारण सीधे प्रवेश हासिल किया है।
भारत ने पिछले सत्र में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचकर इतिहास रचा था। रविवार को जीत या ड्रॉ हासिल करने पर भारतीय टीम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर सकती है। ऐसा होने पर भारत किसी भी आयु वर्ग में, सीनियर स्तर सहित, लगातार दो महिला एशियाई कप में जगह बनाने वाली पहली भारतीय टीम बन जाएगा।
कोच अलेक्जेंडरसन ने खिलाड़ियों को केवल ड्रॉ के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरने की जगह जीत की मानसिकता के साथ मुकाबला करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा, “हमें मैच में जीत के इरादे से उतरना होगा। युवा खिलाड़ियों से यह कहना मुश्किल है कि ड्रॉ भी पर्याप्त होगा।
हम मुकाबला जीतने की कोशिश करेंगे, लेकिन साथ ही हमें आक्रमण करते समय अधिक समझदारी दिखानी होगी और सही संतुलन बनाना होगा।” भारत ने अलग-अलग अंदाज में दोनों जीत दर्ज करते हुए खुद को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है। टीम ने अभियान की शुरुआत इराक को 14-0 से रौंदकर की थी। भारतीय टीम ने इसके बाद सीरिया के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करते हुए 2-0 से जीत हासिल की।
भारत की ओर से 15 वर्षीय अनुष्का कुमारी ने अब तक सात गोल दागे हैं। उन्होंने इराक के खिलाफ पांच और सीरिया के खिलाफ दो गोल किए हैं। अनुष्का ने कहा, “सात गोल करके बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन यह सिर्फ मेरे बारे में नहीं है।
मेरी साथी खिलाड़ी मौके बना रही हैं और मुझे पास दे रही हैं। मैं उन मौकों को गोल में बदलने की कोशिश कर रही हूं। यह पूरी टीम का प्रयास है।
हम सभी ने बहुत मेहनत की है। मैं टीम और कोच की ओर से मिले समर्थन के लिए आभारी हूं।” कोच ने खिलाड़ियों को लगातार याद दिलाया है कि शुरुआती दो मैचों में मिली जीत का कोई खास महत्व नहीं रह जाएगा, अगर टीम निर्णायक मुकाबले में अपना स्तर बरकरार नहीं रख पाती। स्वीडन के अलेक्जेंडरसन ने कहा, “भले ही बाहर के लोगों को लगता हो कि हम प्रबल दावेदार हैं, लेकिन हमें हमेशा विनम्र रहना होगा, चाहे सामने कोई भी टीम हो।
हर खेल में विनम्र रहना और प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करना जरूरी है। आत्मविश्वास भी महत्वपूर्ण है। आपको अपने खेल और अपनी तैयारियों पर भरोसा होना चाहिए, लेकिन मैच में कड़ी मेहनत करना भी उतना ही जरूरी है।