AI की दुनिया में भारत का डंका, Delhi Declaration पर US-China समेत 88 देशों की मुहर

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 21, 2026

 राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के घोषणापत्र पर कुल 88 देशों एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने हस्ताक्षर किए हैं जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, चीन, डेनमार्क और जर्मनी भी शामिल हैं। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को यह जानकारी दी। यह कृत्रिम मेधा (एआई) के प्रभावों पर आयोजित शिखर सम्मेलन को मिले वैश्विक समर्थन को दर्शाता है। इस घोषणा का मूल सिद्धांत सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय यानी सबके कल्याण के लिए, सबकी खुशी के लिए” है।

 एआई इम्पैक्ट  की दिल्ली घोषणा

वैष्णव ने यहां संवाददाताओं से कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मानव-केंद्रित एआई की दृष्टि को वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया गया है। एआई संसाधनों, सेवाओं और प्रौद्योगिकी को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने का लक्ष्य सभी देशों ने स्वीकार किया है। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक वृद्धि के साथ सामाजिक भलाई को संतुलित करने को प्राथमिकता दी जा रही है। वैष्णव ने कहा, सिर्फ आर्थिक वृद्धि ही नहीं, सामाजिक सामंजस्य पर भी ध्यान देना जरूरी है। सुरक्षा और भरोसा इस योजना के केंद्र में हैं और इन्हें मुख्य बिंदुओं में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि घोषणापत्र के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में नवाचार और मानव संसाधन के विकास पर भी जोर दिया गया है।

 

वैष्णव ने कहा, इन सभी क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सभी देशों ने सहमति जताई है। इस सम्मेलन में भाग लेने वाले अधिकांश देशों ने इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, चीन, डेनमार्क, मिस्र, इंडोनेशिया और जर्मनी शामिल हैं। एआई इंपैक्ट समिट में केवल एआई से संबंधित बुनियादी ढांचे के लिए 250 अरब डॉलर से अधिक का निवेश सुनिश्चित किया गया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, 18-19 फरवरी को राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का समापन नई दिल्ली घोषणा’ को अंगीकार किए जाने के साथ हुआ। इस घोषणा का 86 देशों और दो अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने समर्थन किया है।

 अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने किए हस्ताक्षर

इनमें अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, भूटान, ब्राजील, कनाडा, डेनमार्क, एस्टोनिया, इथियोपिया, जापान, इटली, इजराइल और आयरलैंड शामिल हैं। समर्थन देने वाले अन्य देशों में इंडोनेशिया, ईरान, हंगरी, यूनान, जर्मनी, फिनलैंड, मेक्सिको, म्यांमार, नेपाल, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, ओमान, फिलीपींस, पेरू, रोमानिया, रवांडा, सेनेगल, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, स्पेन, श्रीलंका, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, तंजानिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और यूक्रेन शामिल हैं। इसके अलावा यूरोपीय संघ (ईयू) और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (आईएफएडी) के रूप में दो अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इस घोषणा का समर्थन किया है।

 वैष्णव ने शुक्रवार को कहा था कि इस सम्मेलन में पांच लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया, जो भारत की एआई पहल में घरेलू और वैश्विक मजबूत रुचि एवं सहभागिता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, प्रदर्शनी में पांच लाख से अधिक आगंतुकों ने भाग लिया, बहुत कुछ सीखा और दुनिया भर के कई विशेषज्ञों के साथ बातचीत की। कई स्टार्टअप को अपने काम को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। कुल मिलाकर, चर्चाओं की गुणवत्ता अद्भुत थी। वैष्णव ने यह भी कहा कि मंत्री स्तरीय संवाद, नेताओं की बैठक, मुख्य उद्घाटन समारोह या सम्मेलन की पूरी प्रक्रिया में भागीदारी और संवाद की गुणवत्ता अत्यधिक प्रभावशाली रही।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Adelaide में Team India का डंका, ऑस्ट्रेलिया को हराकर बेटियों ने 2-1 से जीती T20 Series

हद में रहो...भारत से जाते ही मेलोनी से मैक्रों का हुआ तगड़ा झगड़ा! वजह जानकर चौंक जाएंगे

132 कानून खत्म...PM तारिक का युनूस पर तगड़ा एक्शन, भारत के लिए खुशखबरी

Congress Protest पर INDIA गठबंधन में दरार? अखिलेश ने झाड़ा पल्ला, मायावती ने भी की कड़ी निंदा