Indian Railways Kavach System | भारतीय रेल की सुरक्षा में 'कवच' का सुरक्षा घेरा, 472 किलोमीटर के तीन नए खंडों पर स्वदेशी प्रणाली तैनात

By रेनू तिवारी | Jan 31, 2026

रेल मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ को रेल नेटवर्क के तीन खंडों में कुल 472.3 किलोमीटर लंबे मार्ग पर तैनात कर दिया गया है। यह रेल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मंत्रालय के अनुसार, जिन नये खंडों में कवच प्रणाली तैनात की गई है, उनमें पश्चिम रेलवे का वडोदरा–विरार खंड (344 किमी), उत्तर रेलवे का तुगलकाबाद जंक्शन केबिन–पलवल खंड (35 किमी) और पूर्व-मध्य रेलवे का मनपुर–सरमाटांड खंड (93.3 किमी) शामिल है।

क्या है 'कवच' और यह कैसे काम करता है?

'कवच' एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली है जिसे RDSO (अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन) द्वारा विकसित किया गया है। यह "शून्य दुर्घटना" के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए डिज़ाइन की गई है।

ओवरस्पीडिंग पर लगाम: यदि लोको पायलट ट्रेन की गति को नियंत्रित करने में विफल रहता है, तो कवच स्वचालित रूप से ब्रेक लगा देता है।

टक्कर रोकना: यदि एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनें आमने-सामने आ जाती हैं, तो यह प्रणाली सक्रिय होकर दोनों ट्रेनों को सुरक्षित दूरी पर रोक देती है।

खराब मौसम में मददगार: कोहरे या भारी बारिश के दौरान जब सिग्नल स्पष्ट नहीं होते, तब यह इंजन के अंदर पायलट को सिग्नल की जानकारी प्रदान करता है।

सुरक्षा और विश्वसनीयता पर जोर

रेल मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "इस पहल के साथ, भारतीय रेल उच्च घनत्व वाले मार्गों पर रेल सुरक्षा, परिचालन सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए स्वदेशी कवच प्रणाली की तैनाती को और तेज कर रही है।"

सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में पूरे देश के प्रमुख रेल मार्गों को इस सुरक्षा कवच के दायरे में लाना है, ताकि मानवीय भूलों के कारण होने वाले रेल हादसों को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। 

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