Jammu and Kashmir | किश्तवाड़ के डोलगाम में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी, इलाके की घेराबंदी, इंटरनेट सेवाएं ठप

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच शनिवार सुबह एक बार फिर भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। यह मुठभेड़ जिले के डोलगाम इलाके में हो रही है, जहाँ आतंकवादियों के छिपे होने की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान चलाया है।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच शनिवार सुबह एक बार फिर भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। यह मुठभेड़ जिले के डोलगाम इलाके में हो रही है, जहाँ आतंकवादियों के छिपे होने की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान चलाया है। किश्तवाड़ का यह इलाका पिछले कुछ दिनों से सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील बना हुआ है। पिछले 14 दिनों के भीतर इस क्षेत्र में आतंकियों के साथ सुरक्षा बलों का यह चौथा आमना-सामना है।
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सुरक्षा बलों का शनिवार सुबह जम्मू कश्मीर में किश्तवाड़ के डोलगाम इलाके में छिपे आतंकवादियों से फिर सामना हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सेना ने बताया कि जमीनी स्तर पर अभियान की योजना बनाने और उसे अंजाम देने के लिए सभी स्रोतों से मिली खुफिया जानकारी के साथ समन्वय किया गया।
व्हाइट नाइट कोर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘संयुक्त अभियान त्राशी-1 के दौरान व्हाइट नाइट कोर, जम्मू कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के जवानों का 31 जनवरी की सुबह डोलगाम के रिहायशी इलाके में आतंकवादियों से फिर से सामना हुआ।’’ उसने बताया कि इलाके की घेराबंदी कर दी गयी और अभियान जारी है।
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पिछले दो हफ्तों में यह चौथी बार है जब इस इलाके में आतंकवादियों से सामना हुआ है। उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने किश्तवाड़ का दौरा किया और जिले में छिपे जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों को खत्म करने के लिए जारी अभियान के तहत आतंकवाद विरोधी ग्रिड का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के दौरान सिंहपोरा, चिंगम और चतरू में छह किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित हैं ताकि राष्ट्रविरोधी तत्व इनका दुरुपयोग नहीं कर सकें।
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