मध्य प्रदेश में तैयार होंगे देश के पहले म्यूकोरमाइकोसिस यूनिट

By दिनेश शुक्ल | May 12, 2021

भोपाल। देश में गाँधी मेडिकल कॉलेज भोपाल एवं जबलपुर मेडिकल कॉलेज में 10-10 बेड के म्यूकोरमाइकोसिस यूनिट स्थापित किये जा रहे हैं। इन यूनिटों में म्यूकोर के मरीजों का उपचार एवं ऑपरेशन जैसी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। कोविड पॉजिटिव एवं नेगेटिव दोनों मरीजों में म्यूकोर इन्फेक्शन होने पर पृथक-पृथक ऑपरेशन थियेटर मरीजों के उपचार के लिये तैयार किये जायेंगे। इन यूनिटों का उद्देश्य है कि म्यूकोर के मरीजों को त्वरित इलाज एवं उपचार प्रदान किया जा सके। म्यूकोर मरीजों की बढ़ती संख्या से आमजन में व्याप्त हो रही चिंता के लिये सरकार एवं चिकित्सक मिलकर उपयुक्त उपचार व्यवस्थाओं से उनका भरोसा मजबूत करने के लिये इस प्रयास के माध्यम से कार्यवाही कर रहे हैं। 

 

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मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कोरोना महामारी में प्रमुखता से सामने आये पोस्ट कोविड कॉम्प्लीकेशन म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) बीमारी के संबंध में चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ मंथन किया। मंत्री विश्वास सारंग द्वारा इस बीमारी की कोविड मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रदेश स्तर पर स्ट्रेटर्जी एवं प्लान तैयार किया जा रहा है। इस गहन विचार-विमर्श में अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा निशांत वरवड़े, संभागायुक्त कवीन्द्र कियावत सहित विभिन्न विधाओं के चिकित्सकीय विशेषज्ञ एक साथ जुड़े।

 

  • देश में पहली म्यूकोर यूनिट की स्थापना की पहल।
  • म्यूकोर (ब्लेक फन्गस) के चिकित्सा आयामों पर हुआ मंथन।
  • म्यूकोर बीमारी की रोकथाम हेतु किये जायेंगे चिकित्सकीय प्रयास।
  • वार्ड एवं ऑपरेशन थियेटर की होगी व्यवस्था
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    मंत्री सारंग द्वारा इसके लिये विशेष रूप से अमेरिका के संक्रमक बीमारी के विशेषज्ञ डॉ. मनोज जैन का चिकित्सकीय तकनीकी सहयोग भी प्राप्त किया जा रहा है। बुधवार को भोपाल के गाँधी मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस बीमारी म्यूकोरमाइकोसिस के संबंध चिकित्सकीय ज्ञान, रोकथाम किये जाने के बिन्दु, उपचार की गाइडलाइन, मरीजों का लक्षणों अनुसार प्रबंधन तथा लोगों में बीमारी के संबंध में जागरूकता एवं तथ्यात्मक ज्ञान के संबंध में भोपाल और जबलपुर मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ विभिन्न चिकित्सा आयामों पर विस्तृत चर्चा की गई।

    ब्लेक फंगस की रोकथाम के मुख्य बिन्दु

    •  चिकित्सकों द्वारा कोविड मरीजों में स्टेरॉयड का युक्त संगत उपयोग।
    • मधुमेह ग्रसित कोविड मरीजों में स्टेरॉयड के उपयोग के बाद ब्लड शुगर लेवल की सघन मॉनिटरिंग।
    • म्यूकॉर के लक्षणों की प्राथमिक स्तर पर ही पहचान।
    • बीमारी के पता लगने पर विशेषज्ञ चिकित्सों के परामर्श अनुसार शीघ्र उपचार।
    • मरीजों को बीमारी के प्राथमिक संकेतों की पहचान करने के लिये मरीजों को शिक्षित करना।
    • प्रदेश स्तर पर चिकित्सकों को बीमारी के ज्ञान एवं उपचार के लिये सक्षम करना।

     

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    अमेरिका के डॉ. जैन द्वारा प्रजेन्टेशन के माध्यम से इस बीमारी के सूक्ष्म पहलूओं और तथ्यों का प्रस्तुतिकरण किया गया। साथ ही उपस्थित नाक-कान-गला विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, डायबिटॉलाजिस्ट, न्यूरो सर्जन एवं मेडिसिन विशेषज्ञों के साथ ऑनलाइन पैनल डिस्कशन किया गया। प्रदेश स्तर पर कोविड ट्रीटमेन्ट प्रोटोकॉल में स्टेरॉयड एवं एन्टीबायोटिक के रेशनल उपयोग तथा अनियंत्रित मधुमेह के मरीजों के उपचार के दौरान ब्लड शुगर लेवल की सघन मॉनिटरिंग तथा सेकेण्डरी/हॉस्पिटल एक्वायरड इन्फेक्शन को सीमित करने के संबंध में प्रोटोकॉल निर्धारित करने के लिये विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा की गई।

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