'सिंधु जल समझौता अन्यायपूर्ण था, पानी पर केवल भारतीय किसानों का अधिकार', प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान को दिया जवाब

By रेनू तिवारी | Aug 15, 2025

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को ‘अन्यायपूर्ण और एकतरफा’ करार देते हुए कहा कि सिंधु नदी के जल पर भारत और उसके किसानों का एकमात्र अधिकार है। मोदी ने लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि इस संधि ने भारत में कृषि को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने इस समझौते को जारी रखने की निरर्थकता को रेखांकित किया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत ने तय कर लिया है कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत दशकों से इसे सहन करता आ रहा है। हम इसे और सहन नहीं करेंगे। हमारे किसानों के हित में, राष्ट्र के हित में, यह समझौता हमें अस्वीकार्य है।’’ भारत ने पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद दशकों पुरानी इस संधि को निलंबित करने का फैसला लिया था। पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम आतंकी हमले के बाद देश में पैदा हुए आक्रोश की अभिव्यक्ति है और इस अभियान से पाकिस्तान में ऐसी तबाही हुई है कि उसकी नींद उड़ी हुई है। उन्होंने देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में यह भी कहा कि अब भारत ‘न्यूक्लियर ब्लैकमैल’ नहीं सहेगा। मोदी ने कहा, ‘‘आज मुझे बहुत गर्व हो रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के वीर जाबांजों को सलामी देने का अवसर मिला है। हमारे जाबांज सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सीमा पार से आए आतंकवादियों ने पहलगाम में जिस तरह से कत्लेआम किया, उससे पूरा हिंदुस्तान आक्रोश से भरा हुआ था और पूरा विश्व भी चौंक गया था। उन्होंने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति है।’’

इसे भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा- स्वतंत्रता दिवस आशा और आकांक्षाओं का उत्सव है

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को लाल किले की प्राचीर से 79वें स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में भारत के संविधान का मसौदा तैयार करने वाले दूरदर्शी महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी और इसे आकार देने में भूमिका निभाने वाली महिलाओं को विशेष रूप से याद किया।

इसे भी पढ़ें: Independence Day 2025 | पीएम मोदी ने रचा नया इतिहास! नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी तक, भारतीय प्रधानमंत्रियों ने लाल किले से कितनी बार भाषण दिया?

प्रधानमंत्री ने संविधान सभा की महिला सदस्यों के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘‘संविधान निर्माण में हमारी नारी शक्ति ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हंसा मेहता और दक्षायनी वेलायुधन जैसी नेत्रियों ने भारत के संविधान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।’’ मोदी ने संविधान तैयार करने में डॉ. राजेंद्र प्रसाद, बाबासाहेब बी.आर. आंबेडकर, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जैसे महापुरुषों के योगदान को भी याद किया।

प्रमुख खबरें

बीच पर टहलने से लेकर सर्फिंग तक... Kim Kardashian और Lewis Hamilton की शानदार छुट्टियों की तस्वीरें

ठाणे में Vande Mataram पर बड़ी गलती! सरकारी कार्यक्रम में बजा लता मंगेशकर के एल्बम का गाना, Shinde ने मांगी माफी

Ram Mandir Trust: सूत्रों का दावा, Champat Rai को UP SIT की पहली रिपोर्ट में Clean Chit

Health Tips: जिम जाने की जरूरत नहीं, Simple Tennis Ball से बढ़ाएं Brain Efficiency और Focus