By अनन्या मिश्रा | Mar 08, 2025
वैसे तो नारी सम्मान का कोई एक दिन नहीं होता है, क्योंकि महिलाओं से ही सबका हर एक दिन होता है। वहीं भारतीय संस्कृति में महिलाओं को देवी का दर्जा दिया जाता है। ऐसे में महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए हर साल 08 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इसलिए 08 मार्च का दिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। तो आइए जानते हैं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास और थीम के बारे में...
इतिहास
20वीं सदी से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत हुई थी। साल 1908 में अमेरिका में काम करने वाली महिलाओं ने कम वेतन और लंबे घंटे तक काम को लेकर न्यूयॉर्क में विरोध प्रदर्शन किया था। जिसके बाद साल 1909 में 28 फरवरी को अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी ने पहला राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया था। लेकिन बाद में समाजवादी नेता क्लारा जेटकिन ने 08 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाए जाने का प्रस्ताव रखा।
इसके बाद साल 1911 में पहली बार जर्मनी, आस्ट्रिया, डेनमार्क और स्विट्जरलैंड में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। वहीं साल 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने ऑफिशियल तरीके से 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की घोषणा की। यह दिन महिलाओं के योगदान को मान्यता देने के साथ उनके अधिकारों के लिए संघर्ष को बढ़ावा देने का एक अवसर है।
थीम
हर साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को एक विशेष थीम रखी जाती है। इस बार की थीम 'एक्सीलरेट एक्शन' तय की गई है। इसका अर्थ 'तेजी से कार्य करना' है।