By अंकित सिंह | Sep 28, 2026
पंजाब के फगवाड़ा में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) और उसके आस-पास इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। यह कदम कैंपस में कथित रेप केस को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच उठाया गया है। एक दिन पहले छात्रों का हिंसक विरोध-प्रदर्शन तोड़-फोड़ और यूनिवर्सिटी के बाहर नेशनल हाईवे-44 पर लंबे समय तक जाम लगाने में बदल गया था। यह विरोध-प्रदर्शन रविवार सुबह तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर यह खबर फैली कि LPU कैंपस के अंदर एक बाहरी व्यक्ति ने कथित तौर पर एक छात्रा के साथ रेप किया है। पुलिस ने अभी तक इस आरोप की पुष्टि नहीं की है और अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
LPU कैंपस के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है और अधिकारी स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए काम कर रहे हैं। छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के हिंसक हो जाने के बाद पंजाब पुलिस ने रविवार को यूनिवर्सिटी में फ़्लैग मार्च भी किया था। ADGP फ़याज़ फ़ारूक़ी ने बताया कि रात भर कैंपस में सुरक्षा बनाए रखने के लिए 2,000 से ज़्यादा जवानों को तैनात किया गया था। सोमवार सुबह भी यूनिवर्सिटी के आस-पास पुलिस की मौजूदगी देखी गई, जबकि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही थी।
विरोध-प्रदर्शनों की वजह से तुरंत जो दिक्कतें आईं, उनमें से एक थी नेशनल हाईवे-44 का जाम होना, जो इस इलाके को जोड़ने वाली एक अहम सड़क है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने 15 घंटे से ज़्यादा समय तक हाईवे को जाम रखा। जालंधर के पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने बताया कि रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को ट्रैफिक की आवाजाही बहाल कर दी गई। उन्होंने कहा कि हालात शांतिपूर्ण और नियंत्रण में हैं। हाईवे खुलने के बाद ट्रैफिक की आवाजाही सामान्य हो गई, हालांकि यूनिवर्सिटी के आस-पास सुरक्षाकर्मी तैनात रहे।
इस अशांति की वजह से यूनिवर्सिटी के एकेडमिक शेड्यूल में भी बदलाव किए गए हैं; LPU ने सोमवार से 10 दिनों के लिए रेगुलर क्लास सस्पेंड कर दी हैं और अगले आदेश तक मिड-टर्म परीक्षाएं टाल दी हैं। यूनिवर्सिटी ने उन स्टूडेंट्स को अपने माता-पिता या गार्जियन से सलाह लेने के बाद अपने होमटाउन जाने की इजाज़त दी है जो इस दौरान जाना चाहते हैं। सोमवार को कई स्टूडेंट्स को कैंपस से अपने घर जाते हुए देखा गया। जो स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी में ही रहने का फ़ैसला कर रहे हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे अपने हॉस्टल या रहने की जगहों पर ही रहें और बिना वजह बाहर न निकलें या अशांति से जुड़ी गतिविधियों में शामिल न हों। टाल दी गई परीक्षाओं के लिए नया शेड्यूल यूनिवर्सिटी की तरफ़ से अलग से बताए जाने की उम्मीद है।