By अभिनय आकाश | Oct 07, 2026
अमेरिका में ईरान को लेकर एक बार फिर चिंताएं बढ़ती दिख रही हैं। इसकी मुख्य वजह उन अमेरिकी शहरों की सुरक्षा है, जिन्हें संभावित खतरे के लिहाज से संवेदनशील माना जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद एक जनसभा में कहा कि ईरान लॉस एंजिल्स और सैन डिएगो जैसे शहरों को निशाना बनाना चाहता है। ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका इन शहरों को सुरक्षित रखने के लिए अपनी तैयारियां मजबूत कर रहा है और इसके लिए अतिरिक्त खर्च भी किया जा रहा है। यानी यह मामला सिर्फ बयानबाजी तक ही सीमित नहीं है। ईरान की ओर से अमेरिकी शहरों को लेकर दी गई चेतावनियों के बीच अमेरिकी प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद सतर्क नजर आ रहा है। एक जनसभा में ट्रंप ने कहा कि ईरान लॉस एंजिल्स और सैन डिएगो पर हमला करना चाहता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान को कोशिश करने दीजिए, अमेरिका अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता कर रहा है।" उन्होंने बताया कि शहरों को सुरक्षित रखने के लिए सरकार कुछ अतिरिक्त खर्च कर रही है और यह स्थिति बस कुछ ही दिनों की बात है।
हालाँकि, वर्तमान चिंता का एक अलग पहलू भी है, और वह है ईरान से उत्पन्न खतरा। कुछ महीने पहले ईरान की ओर से ब्रिटेन के फेयरफोर्ड एयरबेस पर हमले की धमकी दी गई थी। इसके बाद पिछले सप्ताह यह खबर सामने आई कि ईरान से जुड़े पाँच लोगों को इस बेस के आसपास रेकी (टोह लेते हुए) करते देखा गया है। डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान इस सैन्य ठिकाने पर ड्रोन हमला करना चाहता था। ऐसी आशंका जताई गई थी कि इस हमले के ज़रिए वहाँ तैनात अमेरिका के बी-2 (B-2) बॉम्बर विमानों को निशाना बनाया जा सकता है। यही वजह है कि अमेरिका इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह निर्णय ईरानी धमकियों के मद्देनज़र लिया गया है। अमेरिका को यह भी आशंका है कि ईरान इस समय किसी भी प्रकार का छद्म (प्रॉक्सी) हमला कर सकता है। कुल मिलाकर वर्तमान स्थिति यह है कि एक तरफ ईरान की धमकियाँ हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिका अपनी सुरक्षा तैयारियों को तेजी से पुख्ता कर रहा है। यहाँ तक कि लॉस एंजिल्स और सैन डिएगो का ज़िक्र खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने किया है।