साल 2015 के परमाणु समझौते को बचाने के लिए क्या करेगा ईरान?

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 27, 2020

वियना। ईरान ने बुधवार को कहा कि वह पश्चिमी शक्तियों द्वारा 2015 के परमाणु समझौते को बचाने की ‘किसी भी कोशिश’ का समर्थन करेंगा। अमेरिका 2018 में इस संधि से बाहर निकल गया था और ईरान पर दोबारा प्रतिबंध लगा दिए थे।

इस समझौते में शामिल बचे हुए पक्षकारों से ईरान के वार्ताकार अब्बास अरागची ने वियना में बातचीत की और कहा कि वह उन कदमों को स्पष्ट तौर पर वापस लेने के लिए तैयार हैं जिसमें तेहरान की प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन हुआ लेकिन यह तभी होगा जब अन्य पक्ष भी वैसा ही रुख दिखाएं।

इसे भी पढ़ें: कुवैत और बहरीन ने कोरोना वायरस के पहले मामलों की घोषणा की

ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने इस साल जनवरी में औपचारिक तौर पर विवाद प्रक्रिया की शुरुआत की थी क्योंकि ईरान ने कहा था कि वह अब यूरेनियम के संवर्धन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सेंट्रीफ्यूज की संख्या पर लगी सीमा का पालन नहीं करेगा। यह समझौते की मुख्य शर्तों में से एक थी। यह विवाद प्रक्रिया में कई कदम हैं जिनमें से एक में सुरक्षा परिषद को इसकी जानकारी देना भी है। 

प्रमुख खबरें

भुखमरी, कंगाली और दिवालीयपन के बावजूद पाकिस्तान आया नंबर-1, भारत 13वें नंबर पर, लेकिन किसमें?

हो गया खेल! भारत को रोककर खुद रूसी तेल खरीद रहा अमेरिका?

बिहार में श्री अन्न क्रांति की तैयारी, ICRISAT के साथ किसानों की आय बढ़ाएगी सरकार

Shaheen Afridi vs Babar Azam: पाकिस्तान की कप्तानी पर छिड़ी जंग, अफरीदी बोले- फिलहाल मैं ही कप्तान हूं