By अभिनय आकाश | Sep 13, 2025
आतंकियों का सफाया करने के लिए इजरायल ने छह मुस्लिम देशों में 72 घंटे के भीतर तबाही मचा दी। इजरायल ने 8 सितंबर से 10 सितंबर के बीच छह मुस्लिम देशों पर ताबड़तोड़ हमले कर दिए। ये हमले फिलिस्तीन के गाजा समेत, सीरिया, लेबनान, कतर,यमन और ट्यूनेशिया में किए गए। लेकिन कतर पर इजरायल ने जो हमला किया उसने पूरी दुनिया में बवाल मचा दिया है। मामला कितना गंभीर है। इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि भारत, रूस, चीन और अमेरिका सब इस विवाद में कूद पड़े हैं। भारत के लिए स्थिति छोड़ी पेंचिदा है क्योंकि इस पूरी कहानी में आग अमेरिका ने लगाई। दूसरी तरफ भारत के दो सबसे पक्के दोस्त कतर और इजरायल आपस में भिड़ गए। इसी बीच कतर के अमीर ने पीएम मोदी को फोन मिला दिया।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद ही इजरायल ने कतर पर हमला किया है। अमेरिका की इजाजत के बिना इजरायल मीडिल ईस्ट के इतने ताकतवर देश के खिलाफ इतनी आसानी से हाथ नहीं डालता। तभी तो कतर ने अमेरिका पर बड़ा आरोप लगाते हुए बयान दिया और कहा कि अमेरिका ने हमें धोखा दिया है। अमेरिका को इस हमले के बारे में पता था। इजरायल जैसे ही ये एयर स्ट्राइक करने वाला था। उससे कुछ मिनट पहले ही अमेरिका के अधिकारियों ने हमें इस बारे में जानकारी दी। इस जानकारी का हमें कोई फायदा नहीं मिला क्योंकि बहुत देर हो चुकी थी।
हमास के कमांडरों को मार गिराने के नाम पर दोहा में हमले ने इस्लामिक देशों को उकसा दिया है। पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूएई समेत कई मुस्लिम देशों ने भी इस हमले की निंदा की है। इस बीच हालात संभालने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद ही उतर आए हैं। न्यूयॉर्क में ट्रंप ने कतर के पीएम शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से मुलाकात की। अल जज़ीरा की किम्बर्ली हालकेट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ डिनर बैठक से पहले, शेख मोहम्मद ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की, जहाँ उन्होंने इज़राइल के हमलों और अमेरिका-क़तर सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की।