By अभिनय आकाश | Oct 29, 2026
इज़राइल में अरब राजनीतिक दलों ने उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिनमें उन्हें मंगलवार को हुए चुनावों में संदिग्ध विदेशी फंडिंग और दखलंदाज़ी से जोड़ा गया था। केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद, चुनाव नतीजों और अगली सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। 'यूनाइटेड अरब लिस्ट' (रा'अम) के अध्यक्ष मंसूर अब्बास ने इन आरोपों की जांच के फैसले का स्वागत किया, लेकिन जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कानून लागू करने वाली एजेंसियों को पूरा सहयोग देने का वादा किया। एक बयान में अब्बास ने कहा, "रा'अम, केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष जस्टिस नोम सोलबर्ग के उस फैसले का स्वागत करती है, जिसमें विदेशी फंडिंग के ज़रिए चुनावों को अनुचित तरीके से प्रभावित करने की कोशिशों के संदेह की जांच की जाएगी। चुनावों की शुचिता और कानून के शासन को बनाए रखना एक नागरिक और लोकतांत्रिक कर्तव्य है, जिसे हमने अपने झंडे पर अंकित किया है।" उन्होंने आगे कहा, "इस मामले या किसी अन्य मामले से रा'अम का कोई संबंध नहीं है। हम स्पष्ट करते हैं कि सच्चाई का पता लगाने के लिए हम कानून लागू करने वाली सभी एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे।" 'बालाद' पार्टी के अध्यक्ष सामी अबू शहादेह ने भी इन आरोपों को खारिज कर दिया।
उन्होंने आगे कहा, "हमें कट्टर दक्षिणपंथी गुट को चुनाव चुराने या मनगढ़ंत और काल्पनिक आरोपों के आधार पर देश को एक और चुनाव में धकेलने नहीं देना चाहिए।" यह प्रतिक्रिया तब आई जब इज़राइल की केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष, जस्टिस नोम सोहलबर्ग ने शिन बेट प्रमुख डेविड ज़िनी को विदेशी हस्तक्षेप की आशंकाओं की जांच करने का निर्देश दिया। इसमें इज़राइल के हितों के खिलाफ काम करने वाली संस्थाओं द्वारा कथित तौर पर दी गई फंडिंग के जरिए अनुचित विदेशी प्रभाव डालने का संदेह है। सोहलबर्ग ने एजेंसी से एक हफ्ते के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है। नेतन्याहू ने इस विवाद को एक "भूकंप" करार दिया और आरोप लगाया कि विदेशी ताकतों ने अरब पार्टियों के पक्ष में चुनावों में दखल दिया है। उन्होंने ज़ायोनी पार्टियों से 'राअम' (Ra’am) और 'जॉइंट लिस्ट' (Joint List) के साथ सहयोग न करने की अपील की। इज़राइल के विपक्ष के नेता और पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइसेनकोट ने भी इस मामले की गहन जांच की मांग की है। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी है कि चुनाव नतीजों को कमजोर करने या 26वीं नेसेट (इज़राइली संसद) के गठन में देरी करने के लिए बिना पुष्टि वाली आशंकाओं का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।