By अंकित सिंह | Mar 09, 2026
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को पश्चिम एशिया संघर्ष पर विदेश मंत्री एस जयशंकर के संबोधन के दौरान विपक्ष द्वारा की गई नारेबाजी की निंदा करते हुए कहा कि विपक्ष को बहस करने में नहीं बल्कि केवल "अराजकता फैलाने" में दिलचस्पी है। विपक्ष पर "अपने फायदे के लिए राजनीति करने" का आरोप लगाते हुए नड्डा ने कहा कि वे इसमें कभी सफल नहीं होंगे। राज्यसभा में नड्डा ने कहा कि अत्यंत दुख के साथ मैं कह रहा हूं कि विपक्ष का व्यवहार बेहद गैरजिम्मेदाराना और निंदनीय है। उन्हें न तो देश में कोई रुचि है और न ही बहस में, बल्कि उन्हें केवल अराजकता फैलाने में रुचि है।
जयशंकर ने कहा कि सरकार ने क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर पहले ही अपनी आशंकाएं व्यक्त कर दी थीं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने 20 फरवरी को एक बयान जारी कर गहरी चिंता व्यक्त की थी और सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया था। हमारा मानना है कि तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का सहारा लेना चाहिए। संघर्ष की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने पुष्टि की कि भारत ने 28 फरवरी, 2026 को आधिकारिक तौर पर युद्ध पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने क्षेत्रों में तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति के आह्वान को दोहराया, साथ ही बढ़ते हताहतों और ईरानी नेतृत्व के पतन की ओर ध्यान आकर्षित किया।