By दिनेश शुक्ल | Jun 26, 2020
भोपाल। हालही में देश के पत्रकारों ने राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से राशि मिलने का बड़ा खुलासा किया है। इसमें तत्कालीन वाणिज्य मंत्री के तौर पर कमलनाथ की बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने कई वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करके उनके चीन से आयात की मंजूरी दी, जबकि वे चीजें देश में ही भरपूर मात्रा में उपलब्ध थीं। यदि यह कहा जाए कि कमलनाथ जी चीन के एजेंट के रूप में वाणिज्य मंत्री बन कर कार्य कर रहे थे तो कोई गलत नहीं होगा। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को देश को यह बताना चाहिए कि उनकी निष्ठा भारत के प्रति है या वे चीन के एजेंट हैं ? यह बात शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने मीडिया से चर्चा के दौरान कही।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि यह राष्ट्र के प्रति अपराध है और इसके जिम्मेदार तत्कालीन वाणिज्य मंत्री कमलनाथ हैं। झा ने कहा कि इस मामले में कमलनाथ की भूमिका दस्तावेजों में दर्ज है, जो सार्वजनिक कर दिए गए हैं। कांग्रेस और चीन के संबंधों के बारे में हुए इस खुलासे के बाद कमलनाथ की भूमिका संदिग्ध हो गई है, इसलिए उन्हें इसका जवाब देना चाहिए। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो भाजपा गांव-गांव, गली-गली में यह प्रचारित करेगी कि आखिर राहुल गांधी चीन की भाषा क्यों बोलते हैं, राहुल चीनी दूतावास में जाकर क्या-क्या बातें करते हैं? राजीव गांधी फाउंडेशन में चीन से कितने पैसे आते हैं और क्यों आते हैं?