श्रीनगर में साप्ताहिक बाजार में जुटी कश्मीरियों की भीड़

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 06, 2019

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में रविवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार में सामान खरीदने के लिये लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा जबकि शहर में सुबह के वक्त कुछ दुकानें खुलीं। अधिकारियों ने बताया कि समूचे कश्मीर में मुख्य बाजार बंद रहे और अधिकतर सार्वजनिक परिवहन भी सड़कों पर नहीं दिखे और इसके चलते घाटी में लगातार 63वें दिन जनजीवन प्रभावित रहा। उन्होंने बताया कि साप्ताहिक बाजार को यहां रविवार बाजार कहा जाता है, जिसमें कई दुकानदारों ने टीआरसी चौक-लाल चौक रोड पर अपने स्टॉल लगाये। उन्होंने कहा कि बाजार में खरीदारों की भारी भीड़ थी क्योंकि सर्दी के मौसम की धमक को देखते हुए लोग कपड़े एवं अन्य जरूरी सामान खरीदने के लिये आये थे।

अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर में दूसरे बाजार और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे, हालांकि शहर में सुबह 11 बजे तक कुछ दुकानें खुली रहीं, लेकिन इसके बाद उन्होंने दुकानों का शटर गिरा दिया। उन्होंने कहा कि यहां कुछ ऑटोरिक्शा और एक जिले से दूसरे जिले जाने वाली कुछ कैब को सड़कों पर देखा गया, हालांकि सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधन सड़कों पर नहीं दिखे। उन्होंने बताया कि शनिवार की तुलना में रविवार को निजी कारों की आवाजाही भी कम रही। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर में हंदवाड़ा और कुपवाड़ा क्षेत्रों को छोड़कर कश्मीर में मोबाइल सेवाएं बंद हैं, जबकि इंटरनेट सेवाएं हर स्तर पर बंद हैं, जो घाटी में चार अगस्त की रात से जारी है। उन्होंने कहा कि घाटी में कहीं कोई रोक नहीं है, हालांकि कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये संवेदनशील जगहों पर काफी तादाद में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। प्रमुख अलगाववादी नेताओं को हिरासत में रखा गया है जबकि दो पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत मुख्यधारा के नेताओं को या तो हिरासत में रखा गया है या नजरबंद किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं श्रीनगर से मौजूदा सांसद फारुक अब्दुल्ला को विवादित लोक सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।

प्रमुख खबरें

सचिन तेंदुलकर के साथ Debut करने वाले Salil Ankola डिप्रेशन में, Pune के सेंटर में भर्ती हुए

Cooper Connolly का तूफानी शतक पड़ा फीका, Sunrisers Hyderabad ने जीता रोमांचक मैच

West Bengal: अब ममता बनर्जी नहीं रहीं मुख्यमंत्री, राज्यपाल आरएन रवि ने भंग की विधानसभा

सियासत का नया व्याकरण लिखता जनादेश 2026