By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 04, 2026
बेंगलुरु, तीन अगस्त कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार पड़ोसी राज्य तमिलनाडु द्वारा कावेरी मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय का रुख किए जाने पर कानूनी परामर्श के अनुसार जवाब देगी। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय का रुख कर अनुरोध किया कि वह कर्नाटक को उसके हिस्सा का कावेरी नदी का पानी तत्काल छोड़ने का निर्देश जारी करे। तमिलनाडु सरकार के वकील बी. करुणाकरण ने शीर्ष अदालत में इस संबंध में याचिका दायर किए जाने की पुष्टि की।
बारिश के कारण हमने सीडब्ल्यूएमए के आदेशों का पालन किया है। कानूनी परामर्श के अनुसार हम इसका जवाब देंगे।’’ सीडब्ल्यूआरसी की 28 जुलाई को हुई बैठक में कर्नाटक को 29 जुलाई से 15 दिन के लिए 3,500 क्यूसेक (घन फुट प्रति सेकंड) पानी छोड़ने का निर्देश दिया गया था। बाद में कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) ने भी इस आदेश को बरकरार रखा था।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता है कि तमिलनाडु सरकार अदालत गई है। मुझे यही जानकारी मिली है। यह उनका अधिकार है और मैं उस अधिकार पर सवाल नहीं उठाना चाहता।
हमने इस देश के कानून का सम्मान किया है।’’ उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर उन्होंने सभी दलों और सभी नेताओं से परामर्श किया है तथा भाजपा और जद (एस) के नेताओं समेत सभी नेताओं ने सहयोग किया है। उन्होंने कहा, ‘‘पूरा कर्नाटक एकजुट है। उन्होंने इस मुद्दे का समर्थन किया है और मुझे विश्वास है कि वे भविष्य में भी हमारे साथ खड़े रहेंगे।