By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 20, 2026
केरलम के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा कि राज्य सरकार बच्चों में अस्वास्थ्यकर खान-पान की आदतों को रोकने के अपने प्रयासों को तेज कर रही है। इसके तहत, राज्य सरकार वसा, चीनी और नमक की अधिक मात्रा वाले खाद्य पदार्थों की पहचान करने और उन्हें विनियमित करने के नियमों के बारे में केंद्रीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण से स्पष्टीकरण मांगेगी। मंत्री ने सोमवार शाम जारी एक बयान में कहा कि राज्य भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को पत्र लिखकर प्रस्तावित नियमों को जल्द अंतिम रूप देने का आग्रह करेगा।
एफएसएसएआई ने सात अगस्त को मसौदा नियम प्रकाशित किए थे। इनमें वसा, चीनी और नमक की अधिक मात्रा वाले उत्पादों की पहचान करने के लिए ठोस और तरल खाद्य पदार्थों में इन सामग्री की मात्रा की विशिष्ट सीमाएं तय करने का प्रस्ताव है। प्रस्ताव के तहत जिन ठोस खाद्य पदार्थों में प्रति 100 ग्राम में 4.2 ग्राम से अधिक वसा, तीन ग्राम चीनी और 0.625 ग्राम नमक होगा, वे संबंधित निर्धारित सीमाओं से अधिक माने जाएंगे।
तरल खाद्य पदार्थों के लिए प्रस्तावित सीमाएं प्रति 100 मिलीलीटर में 1.5 ग्राम से अधिक वसा, दो ग्राम चीनी और 0.175 ग्राम नमक हैं। राज्य सरकार ने कहा कि इन नियमों को अंतिम रूप देकर कानूनी ढांचे में शामिल करने की जरूरत है ताकि ऐसे उत्पादों की पहचान करने और स्कूल परिसरों में उनकी बिक्री पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट आधार मिल सके। प्रस्तावित नियामक उपायों के साथ-साथ केरलम बच्चों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने तथा उनमें स्वस्थ खानपान की आदतों को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम भी चला रहा है।