जानिए शिशु को कब और कौन सा आहार खिलाना रहेगा सही!

By सिमरन सिंह | Jul 30, 2020

शिशु की देखरेख करना कोई आसान बात नहीं होती, उनके छोटी सी-छोटी एक्टिविटी को समझना पड़ता है। कब वो भूखे हैं, कब वो पानी पीना चाहते हैं आदि। अगर बात करें उनके खानपान की तो ज्यादातर माता-पिता अपने शिशु को बाजारों में मिलने वाले बेबी फूड खिलाते हैं, तो कुछ दाल या दलिया खिलाने पर विश्वास रखते हैं। हालांकि इस बात से ज्यादातर पैरेंट्स अंजान है कि वो अपने 6 महीने के बेबी को क्या-क्या खिला सकते हैं और उसकी सेहत के लिए क्या फायदेमंद रहेगा।

6 महीने के शिशु के लिए अब दूध पर्याप्त भोजन क्यों नहीं?

शिशु जब 6 महीना का हो जाता है तो उसे भोजन के अलावा पोषक तत्वों की भी जरुरत होती है। इसमें खासतौर पर आयरन युक्त भोजन शामिल होना जरूरी है। जब शिशु को शुरुआत में भोजन खिलाया जाता है तो उसके लिए वो एकदम नया होता है, जोकि उसके लिए पचाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। हालांकि 6 महीने के बाद शिशु की पाचन और इम्यूनिटी सिस्टम धीरे-धीरे मजबूत हो रही होती है और कुछ दिनों बाद शिशु ठोस आहार को सही तरह से पचाने लगता है। आइए आपको कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बताते हैं जो शुरुआत में शिशु को खिलाने चाहिए...

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पहली बार बच्‍चे को कौन सा खिलाएं ठोस आहार

शिशु को पहली बार ठोस आहार खिलाने के दौरान ब्रेस्‍ट मिल्‍क और ठोस आहार को एक साथ मिलाकर खिलाएं। ध्यान रहे शिशु को शुरुआत में थोड़े ही मात्रा में ही खिलाएं। धीरे-धीरे शिशु को जब ठोस आहार खाने की आदत हो जाए तो उसे सेब और दही मिक्स कर खिला सकते हैं।

सेब

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार आप ठोस आहार की शुरुआत फल से कर सकते हैं। बच्चों को सेब स्वाद अच्छा लगता है और ये शुरुआत में खिलाना सही भी रहता है। इसमें फैट की मात्रा कम और फाइबर मात्रा ज्यादा होती है। सेब का छिलका निकालकर आप उसकी प्‍यूरी बनाकर बच्‍चे को खिला सकते हैं। ये उसकी सेहत के लिए अच्छा साबित होगा।

केला और शकरकंद

केले में उच्चतम मात्रा में फोलेट होता है, जोकि बच्‍चे के दिमाग को एक्टिव रखने में सहायाता करता है। इसलिए केला बच्चों के लिए एक सुपरफूड भी कहलाता है। इसके अलावा आप अपने शिशु को ठोस आहार में शकरकंद भी खिला सकते हैं। इसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन आंखों की रोशनी तेज होने के साथ ही इम्‍युनिटी बढ़ाती है।

चुकंदर

चुकंदर में फोलिक एसिड होता है और इसे शिशु को उबालकर खिलाने पर कई अनेक पोषक तत्‍व प्राप्त होते हैं। फोलिक एसिड से शिशु के मस्तिष्‍क का विकास होता है।

नाशपाती

बच्‍चों के लिए नाशपाती एक अच्छा ठोस आहार साबित हो सकता है। इसे बच्चे आसानी से पचा भी सकते हैं। इसमें ज्यादा मात्रा में कैल्शियम और फास्‍फोरस होता है, जिसकी मदद से शिशु की हड्डियां मजबूत होने की प्रक्रिया को बढ़ावा देती है। शिशु को नाशपाती का छिलका और बीच निकालकर इसकी एक प्‍यूरी बनाकर खिलाएं।

दही

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार जब आपका बच्चा 7 से 8 महीने का हो जाए तो उसे आप दही खिला सकते हैं। दही काफी नरम होने के साथ कैल्शियम का अच्‍छा स्रोत होता है। इसका सेवन करने से शिशु का पाचन भी ठीक रहता है।

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ठोस आहार देने के दौरान रखें इन बातों का ध्‍यान

- शुरुआत में शिशु को ठोस आहार खिलाने से पहले ब्रेस्‍ट मिल्‍क या फॉर्मूला मिल्‍क को चम्‍मच या कटोरी से धीरे-धीरे पिलाना शुरू करें।

- शुरुआत में बच्‍चे आसानी से भोजन नहीं खाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप उन्हें खेल-खेल में खाना खिलाएं, जबर्दस्ती न करें।

- शिशु को खाना खिलाने से पहले चैक करें कि खाने का तापमान ज्यादा गर्म तो नहीं है और फिर ठंडा होने पर ही खिलाएं।

- जब शिशु की तबीयत सही न हो या मूड खराब हो तो उस दौरान ठोस आहार न दें। ऐसें में उनमें ठोस आहार को लेकर गलत धारण बन सकती है।

- शुरुआत में शिशु को नमक और चीनी के इस्तेमाल वाला खाना न खिलाएं, आप चाहे तो थोड़ा बहुत नमक या चीनी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

शिशु को घी खिला सकते हैं या नहीं

हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि अगर घी का सही मात्रा में सेवन किया जाए तो ये सेहत के लिए लाभदायक साबित होता है। सैचुरेटेड फैटी एसिड होने के कारण घी को आसानी से पचाया जा सकता है। इसे खनिज पदार्थ और विटामिन्स का अच्छा स्रोत माना जाता है। स्‍वाद और पोषण बढ़ाने के लिए ठोस आहार में घी डाला जा सकता है। इससे शिशु के विकास में काफी सहायाता मिलती है।

- सिमरन सिंह

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