हरिद्वार में १२ नहीं ११ साल बाद ही पड़ रहा है कुंभ, क्या है बृहस्पति की आकाशीय स्थिति

By दिनेश शुक्ल | Mar 10, 2021

भोपाल। इस साल महाशिवरात्रि का पर्व 11 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन हरिद्वार में कुम्भ का शाही स्नान होगा और एक अप्रैल से महाकुंभ की शुरुआत होगी। आमतौर पर हर 12 साल के बाद महाकुंभ होता है, लेकिन इस बार बृहस्पति की आकाशीय स्थिति के कारण 11 साल बाद ही महाकुम्भ का आयोजन होने जा रहा है।भोपाल की राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि जुपिटर (बृहस्पति) को सूर्य की एक परिक्रमा करने में 11.86 साल लगते हैं। इस तरह हर 12 साल में 47 दिन का अंतर आ जाता है। सातवें और आठवें कुम्भ के बीच यह अंतर बढ़ते-बढ़ते लगभग एक साल हो जाता है। ऐसे में हर आठवां कुम्भ 11 वर्ष बाद ही हो जाता है। 

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हरिद्वार का कुम्भ तब होता है जब आकाश में बृहस्पति कुम्भ तारामंडल में और सूर्य मेष तारामंडल के सामने आते दिखते हैं। इस बार बृहस्पति 11वें साल में ही कुम्भ तारामंडल के पास पहुँच रहा है और अप्रैल माह में सूर्य मेष तारामंडल में रहेगा, इसलियेे हरिद्वार में कुंभ का आयोजन 2010 में होने के बाद 11वें वर्ष में ही एक साल पहले होने जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि इसके पहले 1927 में कुम्भ होने के बाद अगला कुम्भ 12 साल बाद यानी 1939 में होना था, लेकिन वह 11वें साल 1938 में ही हो गया था।

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