By Ankit Jaiswal | Jul 14, 2026
विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में मंगलवार को फ्रांस और स्पेन के बीच होने वाला मुकाबला बेहद रोमांचक माना जा रहा है। मैच से पहले फ्रांस के मुख्य कोच दिदिए देसचां ने साफ कर दिया है कि उनकी टीम स्पेन को आसानी से गेंद पर कब्जा नहीं करने देगी। उनका कहना है कि फ्रांस केवल डिफेंस रणनीति अपनाकर जवाबी हमलों का इंतजार करने वाली टीम नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर गेंद पर नियंत्रण भी बनाए रख सकती हैं।
बता दें कि फ्रांस के लिए राहत की खबर यह है कि टीम के कप्तान और स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे पूरी तरह उपलब्ध हैं। मोरक्को के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उनके टखने में हल्की चोट लगी थी, जिसके बाद अंतिम अभ्यास सत्र में उन्हें कुछ समय के लिए आराम दिया गया। हालांकि देसचां ने स्पष्ट किया कि एम्बाप्पे पूरी तरह खेलने के लिए तैयार हैं और उनकी फिटनेस को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार मिडफील्ड खिलाड़ी ऑरेलियन त्शुआमेनी की भी टीम में वापसी हो रही है। वह हैमस्ट्रिंग की परेशानी के कारण पैराग्वे और मोरक्को के खिलाफ पिछले दो मुकाबलों में नहीं खेल सके थे। देसचां ने बताया कि त्शुआमेनी अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं, लेकिन अब उन्हें मैदान में उतारने का जोखिम लिया जा सकता है। उनकी मौजूदगी से फ्रांस के मध्य क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और स्पेन के दबाव का सामना करने में मदद मिल सकती हैं।
फ्रांस के युवा खिलाड़ी वारेन जाइरे एमरी ने कहा कि उनकी टीम के पास कई तरह से खेलने की क्षमता है। जरूरत पड़ने पर फ्रांस तेज जवाबी हमला कर सकता है, गेंद अपने पास रख सकता है और मजबूत रक्षात्मक खेल भी दिखा सकता है। उनके मुताबिक मैच किस दिशा में जाएगा, यह मैदान पर बनने वाले हालात तय करेंगे।
गौरतलब है कि स्पेन ने पिछले दो बड़े मुकाबलों में फ्रांस को हराया है। उसने यूरो 2024 के सेमीफाइनल में फ्रांस को बाहर किया था और इसके बाद 2025 में नेशंस लीग के अंतिम चार के मुकाबले में भी जीत हासिल की थी। हालांकि देसचां का मानना है कि पुराने नतीजों का इस मुकाबले पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि दोनों टीमों के कई खिलाड़ी बदल चुके हैं और मौजूदा फॉर्म भी पहले जैसी नहीं हैं।
फ्रांस के रक्षक जूल्स कुंडे का भी मानना है कि अगर उनकी टीम स्पेन के खिलाफ लंबे समय तक गेंद अपने पास नहीं रख पाई तो विरोधी टीम अपनी पसंद की लय हासिल कर सकती है। ऐसे में मिडफील्ड में आद्रियां राबियो, मानु कोने, वारेन जाइरे एमरी और ऑरेलियन त्शुआमेनी की भूमिका बेहद अहम रहने वाली हैं।
देसचां ने कहा कि बड़े टूर्नामेंटों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने का सबसे बड़ा कारण परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता रही है। उनका मानना है कि फुटबॉल में हर मुकाबला अलग होता है और जीत के लिए छोटी से छोटी तैयारी भी महत्वपूर्ण होती हैं। अब दोनों टीमों के बीच होने वाले इस मुकाबले में यह देखना दिलचस्प होगा कि स्पेन का गेंद पर नियंत्रण भारी पड़ता है या फिर फ्रांस अपनी संतुलित रणनीति और आक्रामक खेल से लगातार तीसरे विश्व कप फाइनल में जगह बनाने में सफल रहती हैं।