गंभीर जैसे नेताओं ने चिकित्सीय सहायता हासिल करने में लोगों की मदद की: दिल्ली पुलिस

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 18, 2021

नयी दिल्ली। भाजपा सांसद गौतम गंभीर सहित नेताओं के बारे में दिल्ली पुलिस के हलफनामे पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को असंतोष जाहिर किया और कहा कि रिपोर्ट ‘‘अस्पष्ट है एवं जांच में लीपापोती की गई है।’’ हलफनामे में दिल्ली पुलिस ने कहा कि नेता लोगों को चिकित्सीय सहयोग प्राप्त करने में स्वेच्छा से मदद कर रहे थे और किसी के साथ धोखा नहीं किया गया। उन पर कोविड-19 दवाओं की जमाखोरी के आरोप लगे थे। न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा, ‘‘चूंकि कुछ राजनीतिक हस्तियां इसमें संलिप्त हैं, इसलिए आप जांच नहीं करेंगे, हम इसकी अनुमति नहीं देंगे।’’ वे राष्ट्रीय राजधानी में नेताओं के खिलाफ दवाओं की जमाखोरी करने और इसका वितरण करने केआरोपों की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। 

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गंभीर ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते लोगों को जो भी जरूरत हो, वह देना उनका कर्तव्य है, खासकर महामारी के इस समय में और आम आदमी के राहत के लिए किसी भी नागरिक के प्रयास का इस कठिन समय में स्वागत किया जाना चाहिए। उनका बयान स्थिति रिपोर्ट का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि दवाओं का वितरण जनहित में पूरी तरह नि:शुल्क किया गया। कोविड-19 रोगियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले टैबलेट फैबीफ्लू के वितरण के बारे में भाजपा नेता ने कहा कि वह गौतम गंभीर फाउंडेशन के न्यासी हैं जिसने संक्रमण से पीड़ित लोगों की सहायता के लिए 22 अप्रैल से सात मई के बीच नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया था। 

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