By अभिनय आकाश | Nov 05, 2019
महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के तकरार के बीच सरकार बनाने को लेकर रोज नए फार्मूले सामने आ रहे हैं। कभी एनसीपी के समर्थन से शिवसेना और कांग्रेस की सरकार तो कभी बीजेपी के एनसीपी द्वारा बाहर से समर्थन के आधार पर महाराष्ट्र में सरकार गठन की कवायद को राजनीतिक विश्लेषक अनुमान लगा रहे हैं। देवेंद्र फडणवीस ने बीते दिनों बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की है जिसके बाद सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शाह मुख्यमंत्री पद छोड़ अन्य मंत्रालय में शिवसेना का 50-50 फॉर्मूले को मानने पर राजी हैं। जिसके बाद मुंबई में देवेंद्र फडणवीस के आवास पर पार्टी की अहम बैठक बुलाई गई। इस बैठक में महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल, सुधीर मुंगंटीवार, विनोद तावड़े समेत कोर कमेटी के दूसरे सदस्य भी मौजूद रहे। सरकार गठन को लेकर शिवसेना की शर्तों के बीच होने जा रही ये बैठक बेहद अहम है।
वहीं शिवसेना ने बीजेपी के साथ बातचीत का मसला सुलझाने के लिए संघ का सहारा लिया है। खबरों के अनुसार शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के सलाहकार किशोर तिवारी ने इस सिलसिले में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर दखल देने की मांग की है। तिवारी ने पत्र में संघ प्रमुख से आग्रह करते हुए कहा है कि सरकार गठन को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मध्यस्थता कराएं ताकि बीजेपी और शिवसेना के बीच जारी विवाद का आम सहमति से हल निकल सके। किशोर तिवारी ने कहा कि नितिन गडकरी दो घंटे में स्थिति का समाधान कर सकते हैं।
बता दें कि बीजेपी-शिवसेना ने साथ मिलकर महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव लड़ा था। बीजेपी ने 105 जबकि शिवसेना ने 56 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की। लेकिन 24 अक्टूब यानी नतीजें आने के 12 दिन बाद भी सरकार का गठन नहीं हो पाया है।